सहारनपुर में कुदरत का कहर मां शाकुम्भरी देवी मंदिर के सामने आया पानी का सैलाब, कारें-ट्रैक्टर बह गए, दो महिलाओं की मौत
रातों-रात बदला नदी का मंजर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में स्थित मां शाकुम्भरी देवी मंदिर के सामने उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शिवालिक पहाड़ियों से अचानक भारी मात्रा में पानी का सैलाब नदी में उतर आया। देर रात आए तेज बहाव ने कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके का दृश्य बदल दिया। नदी किनारे खड़े वाहन और वहां मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले पानी ने विकराल रूप धारण कर लिया।
देखते ही देखते बह गए वाहन
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पानी का बहाव इतना तेज था कि नदी किनारे खड़ी कारें, ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, बाइक और यहां तक कि भारी-भरकम क्रेन भी सैलाब में बह गईं। कई वाहनों को पानी में तिनकों की तरह बहते हुए देखा गया। इस भयावह दृश्य के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
दो महिलाओं की दर्दनाक मौत
इस हादसे में दो महिलाओं की जान चली गई। बताया जा रहा है कि अचानक आए सैलाब के कारण उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है, जबकि पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल बना हुआ है।
प्रशासन की चेतावनी के बावजूद क्यों नहीं हटाए गए लोग
सबसे बड़ा सवाल प्रशासनिक व्यवस्था पर उठ रहा है। जिला प्रशासन की ओर से पहले ही मौसम और संभावित जलस्तर बढ़ने को लेकर एडवाइजरी जारी की गई थी। इसके बावजूद शाम तक बड़ी संख्या में लोग और वाहन नदी क्षेत्र के आसपास मौजूद रहे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि समय रहते सख्ती दिखाई जाती तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।
राहत और बचाव कार्य जारी
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और राहत-बचाव टीमें मौके पर पहुंच गईं। नदी में बहे वाहनों की तलाश और प्रभावित लोगों की मदद के लिए अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और लोगों से नदी व पहाड़ी क्षेत्रों के आसपास न जाने की अपील की गई है।
वायरल हो रहे वीडियो ने बढ़ाई चिंता
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह अचानक आया पानी का सैलाब बड़े-बड़े वाहनों को अपने साथ बहाकर ले जा रहा है। इन दृश्यों ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है और मानसून के दौरान सतर्क रहने की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है।
बड़ा सवाल: जिम्मेदार कौन
दो लोगों की मौत, कई वाहन बर्बाद और करोड़ों रुपये के नुकसान के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इस त्रासदी की जिम्मेदारी किसकी है? क्या चेतावनियों को गंभीरता से नहीं लिया गया, या फिर सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त नहीं थे? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में जांच के बाद ही सामने आएंगे।
news desk MPcg