सहारनपुर: पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 3 की मौत, कई लापता, गुस्साए ग्रामीणों ने हाईवे किया जाम
सहारनपुर के देवबंद में एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट में तीन लोगों की मौत, कई लापता। गुस्साए ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ हाईवे जाम किया। पुलिस और प्रशासन राहत कार्यों में जुटे, जांच शुरू।
सहारनपुर, 26 अप्रैल 2025: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के देवबंद क्षेत्र में शनिवार सुबह एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। यह हादसा निहाल खेड़ी रोड पर स्थित एक फैक्ट्री में सुबह करीब 6:00 बजे हुआ, जिसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। इस भयावह घटना में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य कर्मचारियों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। हादसे से गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए देवबंद-नहटौर हाईवे को जाम कर दिया।
जानकारी के अनुसार, निहाल खेड़ी गांव के पास स्टेट हाईवे 59 पर स्थित इस पटाखा फैक्ट्री में सुबह के समय काम चल रहा था। अचानक आग लगने के बाद एक के बाद एक कई धमाके हुए, जिससे पूरी इमारत ध्वस्त हो गई। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि फैक्ट्री में मौजूद कर्मचारियों के शरीर के टुकड़े सैकड़ों मीटर दूर तक बिखर गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के बाद आसमान में धुएं का गुबार छा गया और मलबे में कई लोग दब गए।
जिलाधिकारी मनीष बंसल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रोहित सिंह सजवाण ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं, लेकिन मलबे की मात्रा इतनी अधिक है कि बचाव कार्य में कठिनाई हो रही है। सूत्रों के मुताबिक, हादसे के समय फैक्ट्री में 9 कर्मचारी मौजूद थे, जिनमें से कई अब भी लापता हैं।
ग्रामीणों का आक्रोश, हाईवे जाम
हादसे की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से सैकड़ों लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। मृतकों और लापता लोगों के परिजनों का गुस्सा प्रशासन पर फूट पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैक्ट्री अवैध रूप से संचालित हो रही थी और पहले भी इसकी शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। गुस्साए ग्रामीणों ने देवबंद-मुजफ्फरनगर हाईवे को जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि विस्फोट के पीछे साजिश हो सकती है और उन्होंने तीन संदिग्ध लोगों को पुलिस के हवाले किया।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बताया कि राहत और बचाव कार्य प्राथमिकता पर हैं। उन्होंने कहा, "हमारी पहली कोशिश मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की है। इसके बाद हादसे के कारणों की गहन जांच की जाएगी।" पुलिस ने फैक्ट्री मालिक सहित तीन लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंचकर सबूत जुटा रही है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि फैक्ट्री के पास वैध लाइसेंस था, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि वहां बनाए जा रहे पटाखों में किस तरह के रसायनों का उपयोग हो रहा था।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
सहारनपुर में पटाखा फैक्ट्रियों में विस्फोट की यह कोई पहली घटना नहीं है। मई 2022 में सरसावा थाना क्षेत्र के सौराना गांव में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में पांच लोगों की मौत हो गई थी। उस समय भी फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था और लाइसेंस को लेकर सवाल उठे थे। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होने और अवैध रूप से बारूद के भंडारण के कारण इस तरह के हादसे बार-बार हो रहे हैं।
news desk MPcg