भगवान श्री विश्वकर्मा की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने की पहल, विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने किया पंचमुखी पोर्ट्रेट का विमोचन
चंडीगढ़: भगवान श्री विश्वकर्मा जी की शिक्षाओं, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को आम लोगों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। श्री भगवान विश्वकर्मा मंदिर कमेटी (रजि. 1429), लाहौरी गेट, पटियाला की ओर से भगवान श्री विश्वकर्मा जी के विशेष पंचमुखी पोर्ट्रेट का विमोचन पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के कर-कमलों से चंडीगढ़ में किया गया।
कमेटी के प्रधान अमरजीत सिंह रामगढ़िया ने बताया कि यह विशेष पोर्ट्रेट प्रसिद्ध दिवंगत कलाकार गोबिंदर सोहल द्वारा तैयार किया गया था। इस चित्र में भगवान श्री विश्वकर्मा जी के पंचमुखी स्वरूप को दर्शाया गया है, वहीं इसके नीचे उनके जीवन, इतिहास और समाज के प्रति योगदान का संक्षिप्त विवरण भी अंकित किया गया है, ताकि नई पीढ़ी और आम नागरिक उनके आदर्शों से परिचित हो सकें।
उन्होंने कहा कि कमेटी लंबे समय से भगवान श्री विश्वकर्मा जी के जीवन दर्शन, शिक्षाओं और सांस्कृतिक विरासत को समाज तक पहुंचाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करती रही है। यह पोर्ट्रेट भी उसी अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य युवाओं को अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना है।
इस अवसर पर विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि भगवान श्री विश्वकर्मा जी सृजन, श्रम, कौशल और नवाचार के प्रतीक हैं। उनके आदर्श समाज को मेहनत, रचनात्मकता और ईमानदारी का संदेश देते हैं। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास हमारी सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कमेटी का मानना है कि इस पोर्ट्रेट के माध्यम से भगवान श्री विश्वकर्मा जी के विचारों और प्रेरणादायक जीवन से अधिक से अधिक लोग जुड़ सकेंगे तथा समाज में कौशल, श्रम और सृजनात्मकता के मूल्यों को बढ़ावा मिलेगा।
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