'बम-बम भोले' के जयघोष के साथ शुरू हुई अमरनाथ यात्रा 2026, बालटाल और पहलगाम मार्ग से बाबा बर्फानी के दर्शन को उमड़े हजारों श्रद्धालु

'बम-बम भोले' के जयघोष के साथ शुरू हुई अमरनाथ यात्रा 2026, बालटाल और पहलगाम मार्ग से बाबा बर्फानी के दर्शन को उमड़े हजारों श्रद्धालु

देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन धार्मिक यात्राओं में शामिल श्री अमरनाथ यात्रा 2026 का शुक्रवार को विधिवत शुभारंभ हो गया। जम्मू-कश्मीर के बालटाल और पारंपरिक पहलगाम मार्ग से हजारों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के पवित्र हिमलिंग के दर्शन के लिए रवाना हुए। "बम-बम भोले", "हर-हर महादेव" और "जय बाबा बर्फानी" के जयघोषों से पूरा यात्रा मार्ग शिवमय वातावरण में रंगा नजर आया।

इस वर्ष यात्रा 57 दिनों तक चलेगी और 28 अगस्त (रक्षाबंधन) के दिन पवित्र हिमलिंग के दर्शन के साथ इसका समापन होगा। प्रशासन के अनुसार देशभर से श्रद्धालुओं के लगातार जम्मू, बालटाल और पहलगाम पहुंचने का सिलसिला जारी है।

पहले दिन शुरू हुए बाबा बर्फानी के दर्शन

शुक्रवार सुबह बालटाल और पहलगाम के आधार शिविरों से पहला जत्था पवित्र गुफा की ओर रवाना हुआ। श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह देखने को मिला। कई श्रद्धालु पैदल यात्रा कर रहे हैं, जबकि बुजुर्ग और अन्य श्रद्धालु घोड़ों, पालकियों तथा पिट्ठुओं की सहायता से कठिन पर्वतीय मार्ग तय कर रहे हैं।

यात्रा शुरू होने के साथ ही पवित्र गुफा में बाबा अमरनाथ के हिमलिंग के दर्शन का क्रम भी प्रारंभ हो गया।

दो प्रमुख मार्गों से संचालित हो रही यात्रा

इस वर्ष भी अमरनाथ यात्रा दो पारंपरिक मार्गों से संचालित की जा रही है—

1. पहलगाम मार्ग (अनंतनाग जिला)

लगभग 48 किलोमीटर लंबा पारंपरिक मार्ग।
अपेक्षाकृत लंबी लेकिन धीरे-धीरे चढ़ाई वाला रास्ता।
अधिकांश श्रद्धालु धार्मिक महत्व के कारण इसी मार्ग को प्राथमिकता देते हैं।

2. बालटाल मार्ग (गांदरबल जिला)

लगभग 14 किलोमीटर लंबा मार्ग।
दूरी कम लेकिन चढ़ाई अधिक कठिन।
एक दिन में आने-जाने वाले कई श्रद्धालु इस मार्ग का चयन करते हैं।

पवित्र अमरनाथ गुफा समुद्र तल से लगभग 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।

दूसरे जत्थे में 3,865 श्रद्धालु हुए रवाना

यात्रा के दूसरे दिन शुक्रवार सुबह जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से दूसरा जत्था भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच घाटी के लिए रवाना हुआ।

प्रशासन के अनुसार—

कुल श्रद्धालु: 3,865
कुल वाहन: 201

इनमें—

1,735 श्रद्धालु 115 वाहनों से बालटाल मार्ग के लिए रवाना हुए।
2,130 श्रद्धालु 86 वाहनों से पहलगाम मार्ग के लिए प्रस्थान किए।

इससे एक दिन पहले पहले जत्थे में 4,822 श्रद्धालुओं को जम्मू से रवाना किया गया था। दोनों जत्थों को मिलाकर अब तक 8,687 श्रद्धालु जम्मू आधार शिविर से अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हो चुके हैं।

यात्रा मार्ग पर 126 लंगरों की व्यवस्था

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों पर कुल 126 लंगर स्थापित किए गए हैं।

प्रत्येक लंगर में लगभग 60 से 70 स्वयंसेवक (सेवादार) दिन-रात श्रद्धालुओं की सेवा में लगे हुए हैं।

इन लंगरों में श्रद्धालुओं को—

निःशुल्क भोजन
चाय और पेयजल
विश्राम की सुविधा
प्राथमिक चिकित्सा सहायता

उपलब्ध कराई जा रही है।

यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन लंगरों में विश्राम कर आगे की यात्रा जारी रख रहे हैं।

सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम

अमरनाथ यात्रा को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

इसके तहत—

जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
भगवती नगर आधार शिविर सहित सभी ट्रांजिट कैंपों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरे यात्रा मार्ग पर लगातार निगरानी रख रही हैं।
श्रद्धालुओं के वाहनों के काफिलों को सुरक्षा एस्कॉर्ट के साथ घाटी तक पहुंचाया जा रहा है।

प्रशासन का कहना है कि यात्रा के दौरान सुरक्षा और आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी मानकों का पालन किया जा रहा है।

श्रद्धा और उत्साह का अनूठा संगम

यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई श्रद्धालु हाथों में त्रिशूल और धार्मिक ध्वज लेकर "बम-बम भोले" और "हर-हर महादेव" के जयघोष करते हुए आगे बढ़ते दिखाई दिए।

पहली बार यात्रा पर आए श्रद्धालुओं के चेहरों पर रोमांच साफ नजर आया, जबकि कई अनुभवी श्रद्धालु वर्षों बाद बाबा बर्फानी के दर्शन का सौभाग्य मिलने पर भावुक दिखाई दिए।

प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे—

केवल पंजीकरण के बाद ही यात्रा करें।
निर्धारित समय और रूट का पालन करें।
मौसम संबंधी एडवाइजरी पर लगातार नजर रखें।
स्वास्थ्य संबंधी निर्देशों का पालन करें।
प्रशासन और सुरक्षा बलों के निर्देशों का पालन करें।
धार्मिक आस्था का सबसे बड़ा पर्व

श्री अमरनाथ यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि देशभर के करोड़ों शिव भक्तों की आस्था का प्रतीक मानी जाती है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु कठिन पर्वतीय रास्तों को पार कर प्राकृतिक रूप से निर्मित पवित्र हिमलिंग के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

इस वर्ष भी व्यापक सुरक्षा, चिकित्सा सुविधाओं, लंगरों, परिवहन और प्रशासनिक तैयारियों के बीच यात्रा का शुभारंभ हुआ है। प्रशासन को उम्मीद है कि 57 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, व्यवस्थित और सफल रहेगी तथा 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर विधिवत संपन्न होगी।