बदरीनाथ धाम चढ़ावा चोरी मामला: निलंबन के बाद प्रमोद नौटियाल पर आपराधिक केस दर्ज, पुलिस जांच तेज; सीसीटीवी, वित्तीय रिकॉर्ड और गवाहों के आधार पर होगी विस्तृत पड़ताल
उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान (चढ़ावा) की कथित हेराफेरी का मामला अब पूरी तरह आपराधिक जांच के दायरे में पहुंच गया है। विभागीय कार्रवाई के बाद बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) के वैयक्तिक सहायक (Personal Assistant) प्रमोद नौटियाल के खिलाफ बदरीनाथ थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी है और अब सीसीटीवी फुटेज, वित्तीय रिकॉर्ड, ड्यूटी रजिस्टर, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य तथा संबंधित कर्मचारियों के बयान जुटाए जा रहे हैं।
मंदिर समिति का कहना है कि प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता के संकेत मिले हैं, जिसके बाद पहले आरोपी कर्मचारी को निलंबित किया गया और फिर पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई। हालांकि, प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया समाप्त होने तक किसी को दोषी नहीं माना जा सकता।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से शुरू हुआ पूरा विवाद
पूरे मामले की शुरुआत 2 जुलाई 2026 को उस समय हुई जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में बदरीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की धनराशि के प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए। वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया और श्रद्धालुओं के बीच भी चिंता बढ़ गई।
वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद बदरी-केदार मंदिर समिति ने मामले का संज्ञान लेते हुए इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता की आशंका माना और विस्तृत जांच के आदेश दिए। समिति ने कहा कि बदरीनाथ धाम जैसे राष्ट्रीय और धार्मिक महत्व के तीर्थस्थल में श्रद्धालुओं के विश्वास से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
तीन सदस्यीय जांच समिति का किया गया गठन
मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए बदरी-केदार मंदिर समिति ने वरिष्ठ अधिकारियों की तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की। समिति को पूरे घटनाक्रम की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
जांच समिति ने कई स्तरों पर साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया। इसमें—
मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच,
ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के बयान,
चढ़ावे की गणना और जमा प्रक्रिया का सत्यापन,
नकदी के आवागमन से जुड़े रिकॉर्ड,
वित्तीय रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों का मिलान शामिल रहा।
प्रारंभिक जांच में क्या सामने आया?
मंदिर समिति द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि 2 जुलाई 2026 की सुबह लगभग 9:00 बजे से 9:30 बजे के बीच संबंधित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल द्वारा मंदिर परिसर से चढ़ावे की धनराशि उठाए जाने के संकेत मिले।
समिति ने इसे प्रथम दृष्टया गंभीर वित्तीय अनियमितता माना। हालांकि जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच, दस्तावेजों के परीक्षण और सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज होने के बाद ही निकाला जाएगा।
पहले निलंबन, फिर पुलिस में शिकायत
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मिलने के बाद 7 जुलाई 2026 को बदरी-केदार मंदिर समिति ने प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
समिति ने अपने आदेश में कहा कि यदि संबंधित कर्मचारी को पद पर बनाए रखा जाता तो जांच प्रभावित होने, साक्ष्यों से छेड़छाड़ या गवाहों पर प्रभाव डालने की आशंका बनी रहती। इसी कारण निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवा से निलंबित किया गया।
इसके अगले ही चरण में समिति ने पूरे मामले को आपराधिक जांच के लिए पुलिस को सौंप दिया।
पुलिस ने किन धाराओं में दर्ज किया मुकदमा?
मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान की लिखित तहरीर के आधार पर 8 जुलाई 2026 को बदरीनाथ थाने में प्रमोद नौटियाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 306 और धारा 316(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है। जांच अधिकारी अब पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन तैयार कर रहे हैं और उपलब्ध सभी साक्ष्यों का वैज्ञानिक परीक्षण कराया जाएगा।
पुलिस किन बिंदुओं पर कर रही है जांच?
पुलिस की प्रारंभिक जांच कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर केंद्रित है—
मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज का तकनीकी विश्लेषण।
चढ़ावे की धनराशि के संग्रह और जमा प्रक्रिया का सत्यापन।
संबंधित कर्मचारियों एवं अधिकारियों के बयान।
मंदिर की नकदी प्रबंधन प्रणाली का परीक्षण।
वित्तीय रिकॉर्ड और बैंक जमा विवरण का मिलान।
इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल साक्ष्यों की जांच।
आवश्यकता पड़ने पर फोरेंसिक ऑडिट।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उन्हें भी पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
मंदिर समिति का आधिकारिक बयान
बदरी-केदार मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी (CEO) बी.डी. सिंह रांगड़ ने पुष्टि की कि आरोपी कर्मचारी के खिलाफ पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज करा दी गई है।
उन्होंने कहा कि मंदिर समिति श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। यदि जांच में किसी भी कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच पूरी तरह पारदर्शी तरीके से कराई जाएगी और किसी भी स्तर पर दोषियों को संरक्षण नहीं दिया जाएगा।
श्रद्धालुओं के चढ़ावे की व्यवस्था कैसे होती है?
बदरीनाथ धाम में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं द्वारा नकद दान, चेक, ऑनलाइन दान और अन्य प्रकार के चढ़ावे मंदिर समिति के माध्यम से एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत एकत्र किए जाते हैं।
आमतौर पर—
दान पात्र खोले जाते हैं,
कर्मचारियों की निगरानी में धनराशि की गणना होती है,
रिकॉर्ड तैयार किया जाता है,
बैंक में राशि जमा कराई जाती है,
पूरी प्रक्रिया का दस्तावेजीकरण किया जाता है।
इसी कारण चढ़ावे से जुड़ी किसी भी कथित अनियमितता को अत्यंत गंभीर माना जाता है।
कानूनी प्रक्रिया अभी जारी
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि एफआईआर दर्ज होना केवल आपराधिक जांच की शुरुआत है। इसका अर्थ यह नहीं है कि आरोपी दोषी सिद्ध हो गया है।
पुलिस जांच के दौरान—
साक्ष्य जुटाए जाएंगे,
गवाहों के बयान दर्ज होंगे,
आवश्यकता पड़ने पर आरोपी से पूछताछ की जाएगी,
सभी तथ्यों के आधार पर चार्जशीट तैयार होगी,
इसके बाद अदालत में मुकदमा चलेगा।
अंतिम रूप से दोष या निर्दोषता का निर्णय केवल न्यायालय ही करेगा।
मंदिर प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
बदरीनाथ धाम देश के चारधामों में प्रमुख स्थान रखता है और यहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में चढ़ावे से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन पर पारदर्शिता बनाए रखने और श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रखने की बड़ी जिम्मेदारी है।
मंदिर समिति ने आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि किसी भी स्तर पर वित्तीय गड़बड़ी या नियमों का उल्लंघन सिद्ध होता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विभागीय, प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
news desk MPcg