Supreme Court On Electoral Bond: सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की चुनावी बॉन्ड स्कीम, जानें क्यों ?

Supreme Court On Electoral Bond: सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की चुनावी बॉन्ड स्कीम, जानें क्यों ?

Supreme Court On Electoral Bond: सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की चुनावी बॉन्ड स्कीम, जानें क्यों ?

नई दिल्ली।Supreme Court On Electoral Bond: सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी बॉन्ड को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए योजना को असंवैधानिक घोषित किया है। और कहा है कि इसमें पारदर्शिता की कमी है। इसे सुनाते हुए जस्टिस चंद्रचूड़ ने सूचना के अधिकार और अभिव्यक्ति की आजादी का उल्लंघन बताया। जिसके तहत यह बॉन्ड रद्द कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार राजनीतिक दलों की फंडिंग की जानकारी को सार्वजनिक करना जरूरी है। यह फैसला पांच जजों की बेंच द्वारा किया गया और इसे सर्वसम्मति से सुनाया गया। इसमें कहा गया कि चुनावी बांड योजना काले धन पर अंकुश लगाने का एकमात्र उपाय नहीं है। और भी कई उपाय है। साथ ही कोर्ट ने चुनावी बॉन्ड को तुरंत रोकने के आदेश जारी किए हैं। कोर्ट ने निर्देश जारी करते हुए बैंक को कहा कि वह चुनाव आयोग को 6 मार्च तक सभी योगदान के विवरण प्रस्तुत करे। साथ ही आयोग को निर्देश दिया गया कि वह 13 मार्च तक अपनी वेबसाइट पर इस संबंध में जानकारी साझा करे।

RBI और चुनाव आयोग दोनों चुनावी बॉन्ड के खिलाफ

RBI और चुनाव आयोग दोनों चुनावी बॉन्ड के खिलाफ थे। सुप्रीम कोर्ट ने इस बॉन्ड के बेचने पर भी रोक लगा दी है। कोर्ट ने चुनाव आयोग को बैंक से जानकारी प्राप्त करके 31 मार्च तक सभी जानकारियाँ वेबसाइट पर साझा करने का निर्देश दिया। आयोग भी इस बॉन्ड के खिलाफ था। जबकि RBI ने इसकी खिलाफत की है। लेकिन केंद्र सरकार का मानना था। कि यह राजनीतिक दलों को चंदा देने का सही माध्यम है।

 2018 से लागू है केंद्र सरकार की योजना 

आपको बता दें कि 2 जनवरी 2018 से केंद्र सरकार ने एक योजना लागू की।जिसके तहत भारत के नागरिक एसबीआई की शाखाओं से चुनावी बॉन्ड खरीद सकते थे। इस योजना के अंतर्गत एकल या संयुक्त रूप से बॉन्ड खरीदा जा सकता था। चुनावी बॉन्ड को खरीदने की शर्त थी कि राजनीतिक दलों को पिछले चुनावों में कम से कम एक प्रतिशत वोट मिला हो। ये बॉन्ड केवल अधिकृत बैंक खातों के माध्यम से खरीदे जा सकते थे। राजनीतिक दलों को यह बॉन्ड मिलने पर उन्हें दानकर्ता के नाम और पहचान को गुप्त रखने की छूट भी दी गई थी। इन बॉन्ड को एक निर्धारित समय के अंदर कैश कराना होता था।चुनावी बॉन्ड के विरोध में कई गैर सरकारी संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। सुनवाई 31 अक्टूबर को शुरू हुई और 2 नवंबर 2023 को अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। आज फैसला आया है।जिसमें चुनावी बॉन्ड स्कीम को गैरकानूनी करार दिया गया है।