MP NEWS: मंदसौर में बना अनूठा जहाज मंदिर, जैन तीर्थ के रूप में उभरने को तैयार

मंदसौर के सीतामऊ में बना अनूठा जहाज आकार का जैन मंदिर 17 साल में तैयार हुआ, जो कमल के फूल पर स्थापित है। राजस्थान के कारीगरों की देखरेख में निर्मित इस मंदिर में 3,000 वर्ष पुरानी प्रतिमा सहित भगवान आदिनाथ और पार्श्वनाथ की मूर्तियां विराजमान हैं। देशभर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, और यह मंदिर जैन तीर्थ के रूप में उभरने को तैयार है।

MP NEWS: मंदसौर में बना अनूठा जहाज मंदिर, जैन तीर्थ के रूप में उभरने को तैयार

मंदसौर, 26 अप्रैल 2025: मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के सीतामऊ क्षेत्र में एक अनोखा जहाज आकार का जैन मंदिर तैयार हो चुका है, जो देशभर के जैन धर्मावलंबियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है। यह मंदिर अपनी भव्यता और अनूठी संरचना के लिए चर्चा में है। करीब 17 वर्षों की कड़ी मेहनत और राजस्थान के 20 कुशल कारीगरों की देखरेख में इस मंदिर को जहाज का आकार दिया गया है। मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, यह मंदिर कमल के फूल पर स्थापित है, जो इसे और भी विशिष्ट बनाता है।

सीतामऊ के लदूना रोड पर स्थित श्री सिद्धाचल धाम जहाज मंदिर का निर्माण कार्य 2008 में शुरू हुआ था। मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष पारसमल भंडारी, सचिव डॉ. अरविंद जैन और कोषाध्यक्ष प्रदीप बोहरा ने बताया कि भूमिपूजन के बाद से ही इस भव्य मंदिर के निर्माण की प्रक्रिया जोर-शोर से चल रही थी। सैकड़ों मजदूरों ने दिन-रात मेहनत कर इस मंदिर को जहाज की आकृति प्रदान की। यह मंदिर न केवल मध्यप्रदेश बल्कि देशभर में जैन तीर्थ स्थल के रूप में अपनी पहचान बनाने की ओर अग्रसर है।

मंदिर की विशेषताएं

जहाज मंदिर की संरचना अत्यंत भव्य और आकर्षक है। मंदिर की लंबाई 110 फीट, चौड़ाई 36 फीट और ऊंचाई 80 फीट है। इसमें एक मुख्य शिखर के साथ 12 छोटे शिखर बनाए गए हैं। मंदिर में भगवान आदिनाथ और पार्श्वनाथ की 41 इंच ऊंची मूर्तियां स्थापित हैं। इसके अलावा छह अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी यहां विराजमान हैं। खास बात यह है कि मंदिर में स्थापित एक प्रतिमा करीब 3,000 वर्ष पुरानी है, जो लगभग पांच साल पहले चंबल नदी से प्राप्त हुई थी।

श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं

मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। यहां भोजनशाला और धर्मशाला का निर्माण किया गया है, ताकि दूर-दराज से आने वाले भक्तों को किसी तरह की असुविधा न हो। मंदिर की अनूठी बनावट और आध्यात्मिक महत्व के कारण देशभर से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

जैन तीर्थ के रूप में उभरने की संभावना

मंदसौर जिले की छोटी काशी कहलाने वाली सीतामऊ में बना यह जहाज मंदिर राजस्थान के जालौर जिले के बाद दूसरा सबसे भव्य जहाज मंदिर है। मंदिर ट्रस्ट का मानना है कि यह मंदिर जल्द ही जैन धर्मावलंबियों के लिए एक प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में स्थापित होगा। इसकी भव्यता और अनूठी संरचना इसे धार्मिक और पर्यटन के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण बनाती है।