सालों पहले बंद कनेक्शन पर अचानक भारी बिल, गुना में 1.29 लाख रुपये के नोटिस ने मचाया हड़कंप
गुना में बिजली विभाग का अजब कारनामा: 14 साल पहले बंद कनेक्शन का थमाया 1.29 लाख का बिल मध्य प्रदेश के गुना जिले में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसमें एक बंद हो चुके कृषि पंप कनेक्शन पर 14 साल बाद 1.29 लाख रुपये का बिल भेज दिया गया। मामला उपभोक्ता आयोग तक पहुंचा, जहां से उपभोक्ता को राहत मिली।
कनेक्शन 2010 में ही कर दिया गया था बंद
कुंभराज क्षेत्र के रहने वाले 70 वर्षीय हरिशंकर शर्मा खेती के लिए कुएं पर कृषि पंप का उपयोग करते थे। समय के साथ जब कुआं सूख गया और सिंचाई संभव नहीं रही, तो उन्होंने मार्च 2010 में बिजली विभाग में आवेदन देकर कनेक्शन स्थायी रूप से बंद करा दिया उस समय उन्होंने लगभग 4,078 रुपये का पूरा बकाया भी जमा कर दिया था। इसके बाद उनका कनेक्शन पूरी तरह समाप्त मान लिया गया था।
सालों बाद अचानक आया पहला बिल
करीब 12 साल बाद, 2022 में बिजली विभाग की ओर से उन्हें अचानक 92,907 रुपये का बिल भेजा गया। यह बिल उसी बंद किए गए कनेक्शन के नाम पर था। उपभोक्ता ने इस पर आपत्ति जताई और कहा कि कनेक्शन पहले ही बंद हो चुका है और उन्होंने वर्षों से कोई बिजली उपयोग नहीं किया है।
शिकायत के बावजूद नहीं हुआ समाधान
शिकायत करने के बाद भी विभाग की ओर से समस्या का समाधान नहीं किया गया। मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया और फाइल आगे बढ़ती रही। इसके बाद यह विवाद और बढ़ गया और बिल की राशि बढ़कर 1,29,931 रुपये तक पहुंच गई।
उपभोक्ता ने पहुंचाया मामला आयोग में
थक-हारकर उपभोक्ता हरिशंकर शर्मा ने जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने अपने सभी दस्तावेज प्रस्तुत किए और साबित किया कि कनेक्शन 2010 में ही बंद कर दिया गया था।
उपभोक्ता आयोग का फैसला
सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता आयोग ने बिजली कंपनी को फटकार लगाई। आयोग ने माना कि उपभोक्ता पर लगाया गया बिल गलत है और विभागीय लापरवाही का परिणाम है। आयोग ने आदेश दिया कि: सभी गलत बिल निरस्त किए जाएं उपभोक्ता से कोई वसूली न की जाए विभाग रिकॉर्ड सुधारकर स्थिति स्पष्ट करे
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