भोपाल: आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, केरवा डैम रोड, रातीबड़, बैरागढ़ और 10 नंबर क्षेत्र में अवैध शराबखोरी पर 48 प्रकरण दर्ज

भोपाल में आबकारी विभाग ने केरवा डैम रोड, रातीबड़, बैरागढ़ और 10 नंबर क्षेत्र के होटल-ढाबों पर छापेमारी कर अवैध शराबखोरी के 48 प्रकरण दर्ज किए। बड़ी मात्रा में अवैध शराब जब्त की गई और दोषी प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की गई। विभाग ने भविष्य में भी नियमित जांच और तस्करी रोकने के लिए कदम उठाने की बात कही।

भोपाल: आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, केरवा डैम रोड, रातीबड़, बैरागढ़ और 10 नंबर क्षेत्र में अवैध शराबखोरी पर 48 प्रकरण दर्ज

भोपाल, 8 मई 2025: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अवैध शराब के कारोबार पर नकेल कसने के लिए आबकारी विभाग ने गुरुवार को एक व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। इस अभियान में केरवा डैम रोड, रातीबड़, बैरागढ़ और 10 नंबर क्षेत्र के होटल-ढाबों को निशाना बनाया गया। कार्रवाई के दौरान अवैध शराब की बिक्री और परोसने के 48 प्रकरण दर्ज किए गए। यह अभियान भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देश पर और सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ के नेतृत्व में किया गया।

विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी

आबकारी विभाग की कई टीमें सुबह से ही सक्रिय हो गईं और शहर के प्रमुख क्षेत्रों में एक साथ दबिश दी। केरवा डैम रोड पर स्थित कई ढाबों और रेस्टोरेंट्स में अवैध रूप से शराब परोसने की शिकायतों के बाद वहां गहन जांच की गई। रातीबड़ और बैरागढ़ के होटल-ढाबों में भी बिना लाइसेंस और अनुमति के शराब बेचने के मामले सामने आए। 10 नंबर क्षेत्र, जो शहर का एक व्यस्त इलाका है, में भी कई प्रतिष्ठानों पर अनियमितताएं पाई गईं।

छापेमारी के दौरान आबकारी विभाग ने बड़ी मात्रा में अवैध शराब जब्त की। कई ढाबों और रेस्टोरेंट्स में बिना परमिट के शराब का स्टॉक रखा गया था। कुछ स्थानों पर नकली और मिलावटी शराब परोसने के भी सबूत मिले। अधिकारियों ने लाइसेंस, परमिट, और स्टॉक रजिस्टर की कड़ाई से जांच की, जिसमें कई प्रतिष्ठानों के दस्तावेज अपूर्ण या फर्जी पाए गए। इसके अलावा, कुछ जगहों पर शराब पीने की अवैध व्यवस्था (अहाते) भी पकड़ी गई।

48 प्रकरण दर्ज, सख्त कार्रवाई का आदेश

इस अभियान में कुल 48 प्रकरण मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किए गए। सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ ने बताया कि सभी दोषी प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "अवैध शराब का कारोबार शहर की कानून-व्यवस्था और नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए खतरा है। ऐसे कारोबारियों को बख्शा नहीं जाएगा।" विभाग ने कई प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित करने और उन्हें सील करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

नागरिकों की प्रतिक्रिया

स्थानीय निवासियों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। केरवा डैम रोड के एक निवासी रमेश शर्मा ने कहा, "यहां कई ढाबों पर रात में शराब पीकर लोग हंगामा करते हैं, जिससे आसपास के परिवारों को परेशानी होती है। आबकारी विभाग की यह कार्रवाई सराहनीय है।" वहीं, कुछ ढाबा संचालकों ने दावा किया कि वे नियमों का पालन करते हैं और गलतफहमी के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई हुई है।