प्रयागराज में सामूहिक हत्याकांड से दहशत, पुलिस की 5 टीमें जांच में जुटीं
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या से पूरे शहर में सनसनी फैल गई। साउथ मलाका इलाके के हीवेट रोड चौराहे पर स्थित एक दो मंजिला मकान से व्यापारी, उनकी पत्नी, बेटी और बेटे के शव बरामद होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि घटनास्थल से एक गत्ता मिला, जिस पर लिखा था- "बंटी, बबली और बहू ने मारा"। इस रहस्यमयी संदेश ने हत्याकांड को और भी उलझा दिया है।
जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान 70 वर्षीय वीरेंद्र कुमार वैश्य, उनकी पत्नी अनीता वैश्य (65), बेटी मीनाक्षी वैश्य (40) और बेटे अभिषेक वैश्य (38) के रूप में हुई है। परिवार शहर के प्रतिष्ठित कारोबारी परिवारों में गिना जाता था। उनका दो मंजिला मकान करीब 8,000 वर्गफुट क्षेत्र में बना हुआ है, जिसकी अनुमानित कीमत 10 से 15 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
बदबू आने पर खुला हत्याकांड का राज
मंगलवार दोपहर स्थानीय लोगों को मकान से तेज बदबू आने लगी। पड़ोसियों ने कई बार दरवाजा खटखटाया और परिवार के सदस्यों को आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। संदेह होने पर पुलिस को सूचना दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि मकान की ऊपरी मंजिल का गेट बाहर से बंद था। ताला तोड़कर जब पुलिस अंदर दाखिल हुई तो वहां का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए। एक कमरे में वीरेंद्र कुमार वैश्य और उनकी पत्नी अनीता के शव पड़े थे, जबकि दूसरे कमरे में बेटी मीनाक्षी की लाश मिली। तीनों के सिर पर गंभीर चोटों के निशान थे और कमरे में खून फैला हुआ था, जो सूख चुका था।
दुकान में मिला बेटे का शव
शुरुआती जांच के दौरान परिवार के बेटे अभिषेक का कोई पता नहीं चला। ऐसे में आशंका जताई गई कि वह तीनों की हत्या कर फरार हो गया होगा। हालांकि जब पुलिस ने पूरे मकान और नीचे बनी दुकानों की तलाशी ली तो ग्राउंड फ्लोर की एक बंद दुकान से एक और शव बरामद हुआ। बाद में उसकी पहचान अभिषेक वैश्य के रूप में हुई।
पुलिस के अनुसार, अभिषेक का शव काफी फूल चुका था, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि हत्या कई दिन पहले की गई होगी। दुकान बाहर से बंद थी, जिससे मामला और भी रहस्यमयी बन गया है।
घटनास्थल से मिला रहस्यमयी संदेश
जांच के दौरान पुलिस को उस कमरे में एक गत्ता मिला, जहां दंपती के शव पड़े थे। गत्ते पर लिखा था- "बंटी, बबली और बहू ने मारा"।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर बंटी, बबली और बहू कौन हैं और उनका इस परिवार से क्या संबंध है। क्या यह हत्यारों द्वारा छोड़ा गया सुराग है या फिर किसी को फंसाने की कोशिश? फिलहाल यह जांच का सबसे अहम बिंदु बन गया है।
परिवार का एक बेटा जेल में बंद
पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक व्यापारी का छोटा बेटा अश्विनी वैश्य वर्तमान में कौशांबी जेल में बंद है। उसके खिलाफ धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं। अश्विनी अपनी लिव-इन पार्टनर रितु के साथ कथित तौर पर लोगों से ठगी के मामलों में आरोपी है।
इस मामले में दोनों जेल गए थे, हालांकि रितु को बाद में जमानत मिल गई थी, जबकि अश्विनी अब भी जेल में बंद है। पुलिस ने रितु की तलाश शुरू कर दी है और उसे पूछताछ के लिए महत्वपूर्ण मान रही है। इसके लिए कई टीमें गठित की गई हैं।
करोड़ों की संपत्ति और पारिवारिक विवाद की जांच
स्थानीय लोगों के अनुसार, वीरेंद्र कुमार वैश्य का परिवार ज्यादा मेलजोल नहीं रखता था और अपने कारोबार में व्यस्त रहता था। मकान के निचले हिस्से में 14 दुकानें हैं, जिनमें से अधिकांश किराये पर दी गई हैं। बेटी मीनाक्षी एक गिफ्ट शॉप चलाती थी, जबकि अभिषेक फ्लोर क्लीनिंग के व्यवसाय से जुड़ा था। पुलिस अब संपत्ति विवाद, पारिवारिक रंजिश, कारोबारी दुश्मनी और आपसी संबंधों समेत सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
फॉरेंसिक और डॉग स्क्वॉड जुटा रहा सुराग
घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलाया गया। विशेषज्ञों ने घटनास्थल से कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं। पूरे मकान को सील कर दिया गया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारण और समय की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए कई टीमें लगातार काम कर रही हैं।
शहर में चर्चा का विषय बना हत्याकांड
एक ही परिवार के चार लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या ने पूरे प्रयागराज को झकझोर दिया है। करोड़ों की संपत्ति, परिवार का लगभग खत्म हो जाना और घटनास्थल पर मिला रहस्यमयी संदेश इस मामले को और भी पेचीदा बना रहा है। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि आखिर इस सामूहिक हत्याकांड के पीछे कौन है और "बंटी, बबली और बहू" का क्या रहस्य है।
news desk MPcg