कबाड़ की आड़ में चोरी की गाड़ियां काटने का आरोप, इंदौर क्राइम ब्रांच ने फरार आरोपी फहीम अंसारी को पकड़ा; 2.50 लाख की हाइड्रोलिक मशीन जब्त, गोदाम सील
इंदौर में चोरी के वाहनों के इंजन और अन्य कलपुर्जों को कबाड़ के कारोबार की आड़ में खरीदने-बेचने के आरोप में क्राइम ब्रांच ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने फरार चल रहे आरोपी फहीम अंसारी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से स्क्रैप हाइड्रोलिक मशीन बरामद की है। पुलिस के मुताबिक, जब्त मशीन की अनुमानित कीमत करीब 2.50 लाख रुपये है। कार्रवाई के बाद आरोपी के गोदाम को सील कर दिया गया है।
इस मामले में पुलिस पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। उनके कब्जे से चोरी की गाड़ियों के 12 इंजन और कई अन्य कलपुर्जे बरामद किए गए थे। पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारी के आधार पर पुलिस ने फहीम अंसारी की भूमिका की जांच शुरू की थी। इसके बाद से वह फरार था। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच ने उसे घेराबंदी कर गिरफ्तार किया।
दौलतगंज-रानीपुरा इलाके में कबाड़ की दुकान से शुरू हुई जांच
पुलिस के मुताबिक, मामला इंदौर के दौलतगंज-रानीपुरा क्षेत्र में सामने आया, जहां कबाड़ की दुकान की आड़ में चोरी के वाहनों के पार्ट्स की खरीद-फरोख्त किए जाने की जानकारी पुलिस को मिली थी।
इस मामले में 9 अगस्त को पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने पहले अल्ताफ अंसारी और अरशद अंसारी को गिरफ्तार किया। दोनों से पूछताछ में चोरी के वाहनों के इंजन और अलग-अलग कलपुर्जों की बरामदगी हुई।
पुलिस के अनुसार, बरामद सामान की जांच से यह आशंका मजबूत हुई कि चोरी की गाड़ियों को पूरा वाहन बेचने के बजाय उनके अलग-अलग हिस्सों में काटकर या खोलकर कबाड़ और स्पेयर पार्ट्स के रूप में खपाया जा रहा था।
12 इंजन और कई कलपुर्जे मिले थे
इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 12 इंजन और कई अन्य वाहन कलपुर्जे बरामद किए थे। पुलिस अब इन पार्ट्स के स्रोत और उन वाहनों की पहचान करने की कोशिश कर रही है, जिनसे इन्हें निकाला गया था।
वाहन चोरी के मामलों में इंजन, चेसिस, गियरबॉक्स और अन्य महत्वपूर्ण पार्ट्स की पहचान जांच का अहम हिस्सा होती है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि बरामद इंजन और पार्ट्स किन वाहनों के हैं और वे वाहन कब तथा कहां से चोरी हुए थे।
इसी जांच के दौरान फहीम अंसारी का नाम सामने आया।
पूछताछ में सामने आई फहीम की भूमिका
पुलिस के मुताबिक, पहले गिरफ्तार किए गए अल्ताफ अंसारी और अरशद अंसारी से पूछताछ के दौरान फहीम अंसारी की भूमिका सामने आई। इसके बाद पुलिस उसकी तलाश में जुट गई।
फहीम के लगातार फरार रहने के कारण पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों और संपर्कों की जानकारी जुटाई। क्राइम ब्रांच की टीम ने मुखबिर तंत्र के साथ तकनीकी साक्ष्यों का इस्तेमाल किया। इसके आधार पर मंगलवार को उसकी घेराबंदी की गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अब फहीम से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि चोरी के वाहनों के पार्ट्स की खरीद-फरोख्त में उसके साथ और कौन लोग जुड़े हुए हैं।
2.50 लाख की स्क्रैप हाइड्रोलिक मशीन बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने फहीम अंसारी के कब्जे से एक स्क्रैप हाइड्रोलिक मशीन बरामद की। इसकी अनुमानित कीमत करीब 2.50 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस ने मशीन को जब्त करने के साथ ही आरोपी के गोदाम को भी सील कर दिया। इसके अलावा मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी अल्ताफ अंसारी के गोदाम पर भी पुलिस सील लगा चुकी है।
गोदामों को सील करने की कार्रवाई का उद्देश्य वहां मौजूद सामान और संभावित साक्ष्यों को सुरक्षित रखना भी है। पुलिस अब इन स्थानों से बरामद या संबंधित सामान की जांच के आधार पर मामले की कड़ियों को जोड़ रही है।
लंबे समय से कबाड़ का कारोबार कर रहा था आरोपी
पुलिस के अनुसार, फहीम अंसारी लंबे समय से कबाड़ का काम करता था और उसकी शिक्षा चौथी कक्षा तक हुई है। पुलिस अब उसके पुराने कारोबार, संपर्कों और लेन-देन की भी जांच कर रही है।
जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि कबाड़ कारोबार की आड़ में कहीं चोरी के वाहनों या उनके पार्ट्स को नियमित रूप से खपाने का नेटवर्क तो नहीं चल रहा था।
यदि जांच में ऐसा नेटवर्क सामने आता है, तो पुलिस अन्य संदिग्ध लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई कर सकती है।
चोरी की गाड़ियों को पार्ट्स में खपाने की आशंका
वाहन चोरी के मामलों में चोरों के लिए पूरी गाड़ी को उसी रूप में बेचने की तुलना में उसके पार्ट्स अलग-अलग करके बेचने से पहचान छिपाना आसान हो सकता है। ऐसे मामलों में इंजन, गियरबॉक्स, बॉडी पार्ट्स और दूसरे उपयोगी हिस्सों को अलग-अलग बाजारों में खपाने की कोशिश की जाती है।
इंदौर क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मामले में भी इसी तरह का कोई नेटवर्क सक्रिय था या नहीं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बरामद 12 इंजन और अन्य पार्ट्स किन-किन वाहनों से संबंधित हैं।
अन्य साथियों और वाहन चोरी के मामलों की भी जांच
फहीम की गिरफ्तारी के बाद जांच अब अगले चरण में पहुंच गई है। पुलिस उससे पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी के वाहन या उनके पार्ट्स उसे कौन उपलब्ध कराता था और वह आगे इन्हें किन लोगों को बेचता था।
इसके साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी पहले से दर्ज वाहन चोरी के मामलों से किसी तरह जुड़ा है या नहीं। बरामद इंजन और कलपुर्जों के रिकॉर्ड का मिलान वाहन चोरी की शिकायतों और पुलिस रिकॉर्ड से किया जा सकता है।
यदि किसी बरामद पार्ट की पहचान चोरी हुए वाहन से हो जाती है, तो जांच को और ठोस आधार मिल सकता है।
गोदामों की सीलिंग से बढ़ेगी जांच का दायरा
पुलिस द्वारा फहीम और अल्ताफ के गोदामों को सील किया जाना जांच की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इन गोदामों में रखे सामान, मशीनों और अन्य सामग्री की जांच के जरिए पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि यहां किस तरह का काम किया जाता था और किन लोगों का आना-जाना था।
क्राइम ब्रांच अब आरोपियों के आपसी संपर्क, संभावित खरीदारों और वाहन पार्ट्स के लेन-देन से जुड़ी जानकारी जुटा रही है।
पुलिस की जांच अभी जारी
फिलहाल फहीम अंसारी की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच जारी है। पुलिस का फोकस चोरी के वाहनों के पार्ट्स की सप्लाई चेन का पता लगाने और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने पर है।
इस कार्रवाई में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार करने के साथ 2.50 लाख रुपये कीमत की बताई जा रही स्क्रैप हाइड्रोलिक मशीन जब्त की है और संबंधित गोदाम को सील किया है। वहीं, पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से बरामद 12 इंजन और अन्य कलपुर्जों की जांच भी जारी है।
पुलिस पूछताछ और आगे की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि चोरी के वाहनों के पार्ट्स की खरीद-फरोख्त का यह मामला कितने बड़े नेटवर्क से जुड़ा है और इसमें कितने अन्य लोग शामिल हैं।
news desk MPcg