उज्जैन में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा: रामकृष्ण मिशन आश्रम के सचिव से 2.53 करोड़ की ठगी, सरगना उदयराज की तलाश तेज
उज्जैन में साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश, रामकृष्ण मिशन आश्रम के सचिव से 2.53 करोड़ रुपये ठगे। सरगना उदयराज विनाज्ञा की तलाश में पुलिस, गिरोह में सब्जी विक्रेता से बैंक कर्मचारी तक शामिल। ठगी की रकम क्रिप्टो ट्रेडिंग में निवेश, प्रयागराज के खाते में 1.30 करोड़ ट्रांसफर।
उज्जैन, 21 अप्रैल 2025: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के नागदा से पुलिस ने एक साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने रामकृष्ण मिशन आश्रम के सचिव स्वामी सुप्रदिप्तानंद को डिजिटल अरेस्ट के जरिए 2.53 करोड़ रुपये की ठगी का शिकार बनाया। इस गिरोह का मास्टरमाइंड उदयराज विनाज्ञा है, जो अपने भाई करण विनाज्ञा के साथ मिलकर देशभर में साइबर अपराधियों के नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। गिरोह में सब्जी विक्रेता से लेकर बैंक कर्मचारी और मैनेजर तक शामिल हैं, जो ठगी के लिए किराए के बैंक खाते उपलब्ध कराते हैं।
किराए के खातों से ठगी का खेल
पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह ठगी की रकम को किराए के बैंक खातों में जमा करवाता था, फिर उसे निकालकर मुख्य ठगों तक पहुंचाता था। इस काम के लिए गिरोह को कमीशन मिलता था। आश्रम के सचिव से ठगी की रकम में से 10 लाख रुपये सब्जी विक्रेता राहुल कहार के खाते में ट्रांसफर किए गए। पुलिस ने इस गिरोह से जुड़े करीब 50 बैंक खातों का पता लगाया है, जिनमें 5 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन हुआ। यह रकम देश के विभिन्न हिस्सों से आई है।
क्रिप्टो ट्रेडिंग में निवेश
पुलिस के अनुसार, उदयराज का यह गिरोह ठगी की रकम को किराए के खातों के जरिए ठगों तक पहुंचाने का काम करता था। उदयराज एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़ा है, जो इस रकम का उपयोग क्रिप्टो ट्रेडिंग में करता है। इस मामले में भी ठगी की रकम को क्रिप्टो ट्रेडिंग में निवेश किया गया।
प्रयागराज के खाते में 1.30 करोड़
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि ठगी की सबसे बड़ी रकम उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में इंडसइंड बैंक के एक खाते में गई, जहां 1.30 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। पुलिस का मानना है कि प्रयागराज में इस मामले की गहन जांच से साइबर ठगी के और बड़े राज खुल सकते हैं। ठगी करने वाला मुख्य गिरोह अलग है, जबकि उदयराज का गिरोह केवल रकम की हेराफेरी में शामिल है।
पुलिस की कार्रवाई और उदयराज की तलाश
ग्वालियर पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया और पांच दिन की रिमांड पर लिया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ठगी की रकम से कमीशन काटकर बाकी पैसा उदयराज को दिया गया था। पुलिस ने उदयराज की तलाश के लिए एक विशेष टीम गठित की है। ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया, "आरोपियों के बैंक खातों की जांच की जा रही है। सरगना उदयराज को पकड़ने के लिए हमारी टीम लगातार काम कर रही है।"
साइबर ठगी का जाल
यह मामला देश में साइबर ठगी के बढ़ते खतरे को उजागर करता है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के गिरोह हर राज्य में सक्रिय हैं और ठगी की रकम को एक शहर से दूसरे शहर में ट्रांसफर कर जटिल नेटवर्क के जरिए अपराध को अंजाम देते हैं। प्रयागराज में हुई भारी रकम की हेराफेरी की जांच से इस नेटवर्क के और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
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