MP में बसों पर बड़ा एक्शन, यात्रियों की सुरक्षा के लिए शुरू हुआ विशेष अभियान
यात्री सुरक्षा पर बड़ा एक्शन, MP में बसों की सघन जांच शुरू
इंदौर-शिवपुरी एसी बस हादसे के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेशभर में यात्री बसों की जांच के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया है। 21 मई से 27 मई तक चलने वाले इस अभियान में परिवहन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें बसों के फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, पंजीयन और सुरक्षा मानकों की जांच करेंगी। प्रशासन का उद्देश्य सड़क हादसों को रोकना और यात्रियों का सफर सुरक्षित बनाना है।
बसों में फायर सेफ्टी और चालक की स्थिति पर रहेगा विशेष फोकस
विशेष अभियान के दौरान बसों में आग बुझाने वाले उपकरणों की उपलब्धता और उनकी कार्यक्षमता की जांच की जाएगी। साथ ही चालक के लाइसेंस, वाहन चलाने की स्थिति और नशे में ड्राइविंग जैसी गंभीर लापरवाहियों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार बसों पर होगी कार्रवाई
प्रदेशभर में हाईवे, बस स्टैंड और प्रमुख मार्गों पर चलने वाली यात्री बसों की निगरानी बढ़ा दी गई है। जांच टीम क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने, तेज गति से वाहन चलाने और बिना जरूरी दस्तावेजों के बस संचालन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। अधिकारियों के अनुसार यह अभियान सड़क सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है।
हालिया बस हादसे के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क
इंदौर से शिवपुरी जा रही एसी बस में आग लगने की घटना ने यात्री सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े किए थे। इसी के बाद प्रदेश सरकार और पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को विशेष जांच अभियान चलाने के निर्देश जारी किए। प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
सुरक्षित सफर के लिए प्रदेशभर में चलेगा सप्ताहभर अभियान
21 मई से शुरू हुआ यह अभियान 27 मई तक लगातार चलाया जाएगा। परिवहन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बसों की तकनीकी स्थिति और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच करेंगी। सरकार का उद्देश्य भविष्य में होने वाले हादसों को रोकना और यात्रियों को सुरक्षित एवं भरोसेमंद सफर उपलब्ध कराना है।
news desk MPcg