Gyanvapi Case: ज्ञानवापी मामला में कोर्ट में पेश की गई ASI की सर्वे रिपोर्ट, 21 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई
Gyanvapi Case: ज्ञानवापी मामला में कोर्ट में पेश की गई ASI की सर्वे रिपोर्ट, 21 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई
Gyanvapi Case: काफी लंबे इंतजार के बाद, ज्ञानवापी विवाद के पश्चात, कोर्ट के आदेश पर किया गया एएसआई सर्वे का विवरण आज वाराणसी जिला कोर्ट में पेश हुआ। रिपोर्ट पेश करने के दौरान, एएसआई के सुपरिटेंडेंट अविनाश मोहंती और एएसआई के अधिवक्ता अमित श्रीवास्तव सहित लगभग 15 लोग कोर्ट रूम में मौजूद थे।
इन सभी व्यक्तियों ने माननीय जिला न्यायाधीश डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश के सामने एएसआई की रिपोर्ट को प्रस्तुत किया दोपहर 2.30 बजे। ज्ञानवापी विवाद से संबंधित मामले में एएसआई सर्वे की रिपोर्ट की कॉपी को सफेद रंग के कपड़े में सीलबंद कर माननीय न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
सीलबंद सफेद कपड़े के अंदर प्रस्तुत की गई रिपोर्ट में एएसआई ने दो तरीके की रिपोर्टें प्रस्तुत की हैं। एक रिपोर्ट सफेद रंग के कपड़े में पूरी तरीके से सीलबंद है, जिसे "कागजी रिपोर्ट" कहा जा रहा है। वहीं दूसरी रिपोर्ट पीले रंग के सीलबंद लिफाफे में है, जिसमें संभवतः मालखाने में जमा किए गए साक्ष्य और पेन ड्राइव सहित दस्तावेज़ शामिल थे।
इस मामले में, मुस्लिम पक्ष ने जिला न्यायाधीश डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर ज्ञानवापी से जुड़ी एएसआई सर्वे की रिपोर्ट को सीलबंद करने की मांग की थी।
21 दिसंबर को आगामी सुनवाई के लिए तैयारी की जा रही है। हिन्दू पक्ष के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने जिला जज से ज्ञानवापी एएसआई सर्वे की रिपोर्ट पक्षकारों को ई-मेल के माध्यम से प्राप्त होने की अपील की है। इसके खिलाफ अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के अधिवक्ता रईस अहमद अंसारी ने पब्लिक डोमिल में रिपोर्ट को सार्वजनिक करने के खिलाफ विरोध जताया है। इस मामले में, 21 दिसम्बर को फिर से सुनवाई होगी। हिन्दू पक्ष के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने उम्मीद जताई है, कि सभी पक्षकारों को सर्वे रिपोर्ट की कॉपी 21 दिसम्बर तक मिल सकती है।
इस मामले में, कोर्ट कमीशन और एएसआई सर्वे के बीच कई बार काम शुरू होने और रुकने के आदेश आए हैं। ज्ञानवापी मामले में वाराणसी के वरिष्ठ अधिवक्ता नित्यानंद राय ने बताया कि 4 अगस्त से 2 नवम्बर 2023 तक एएसआई सर्वे का काम हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि एएसआई ने 2 नवम्बर को रिपोर्ट पेश करने से पहले ही तीन बार सर्वे का काम पूरा करने के लिए कोर्ट से समय मांगा था।
Newsdesk