MP में नहीं मिल रही TB की दवा,2025 तक कैसे टीबी मुक्‍त होगा देश

केंद्र सरकार का 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य है, लेकिन मध्यप्रदेश में टीबी के मरीजों को दवाएं ही नहीं मिल रही हैं.बच्‍चों की मेडिसिन से काम चलाया जा रहा.

MP में नहीं मिल रही TB की दवा,2025 तक कैसे टीबी मुक्‍त होगा देश

 एक बीमारी  के लिए सबसे बड़ी जरूरत दवा की होती है,लेकिन मध्‍य प्रदेश से एक खबर सामने आई  है वहा टीबी की दवा नहीं मिल रही है. यह हालात सूबे के दूरदराज के इलाकों के नहीं हैं, बल्कि यह दर्द  है राजधानी भोपाल में अस्‍पतालों के चक्‍कर काटने वाले मरीजों की. दवा नहीं मिलने से मरीज परेशान हैं और ऐसे में कुछ न कुछ इंतजाम तो करना ही है, इसलिए डॉक्‍टर बड़े मरीजों को बच्‍चों की दवा की खुराक बढ़ाकर दे रहे हैं. लेकिन  परेशानी की बात ये है कि टीबी के मरीजों में ज्‍यादातर लोग  भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ित हैं. 

दरअसल टीबी के मरीजों को चार दवाओं की निश्चित खुराक 4FDC और 3FDC दी जाती है, आइसोनियाजिड + रिफैम्पिसिन + एथमबुटोल + पाइराज़िनामाइड (Isoniazid + Rifampicin + Ethambutol + Pyrazinamide)  खुराक कॉम्बिनेशन के रूप  में दिए जाते है.लेकिन भोपाल में यह दवाएं उपलब्ध नहीं हैं, यही कारण है कि टीबी के मरीजों को पीडियाट्रिक यानी बच्चों के एफडीसी चार दिया जा रहा है.

टीबी के मरीजों की सबसे बड़ी परेशानी ये है कि यदि उन्‍होंने समय पर दवा नहीं दी जाए तो छह महीने पहले  उन्‍हें जो शिकायत थी वो एक बार फिर शुरू हो जाएगी.

केंद्र सरकार का देश को 2025 तक टीबी मुक्‍त करने का लक्ष्‍य है, लेकिन ऐसे हालात  देखते हुए ये लक्ष्‍य दूर नजर आ रहा  है.