पाकिस्तानी हैकरों का साइबर हमला: राजस्थान की सरकारी वेबसाइट्स निशाने पर, भारत-पाक तनाव में नया मोड़
पाकिस्तानी हैकरों ने राजस्थान शिक्षा विभाग की वेबसाइट हैक कर भारत विरोधी संदेश पोस्ट किए। पहलगाम हमले के बाद भारत-पाक तनाव साइबर स्पेस तक पहुंचा, स्वायत्त शासन और जयपुर विकास प्राधिकरण की वेबसाइट्स भी निशाना बनीं। राजस्थान सरकार वेबसाइट रिकवरी और साइबर सुरक्षा मजबूत करने में जुटी है।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अब साइबर स्पेस तक पहुंच गया है। मंगलवार को पाकिस्तान समर्थित हैकरों ने राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट को हैक कर लिया। इस हमले में न केवल वेबसाइट की कार्यप्रणाली को नुकसान पहुंचाया गया, बल्कि उस पर भारत विरोधी और पाकिस्तान समर्थित संदेश भी प्रदर्शित किए गए।
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह राजस्थान शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर साइबर हमलावरों ने कब्जा कर लिया और 'पाकिस्तान साइबर फोर्स' के नाम से एक आपत्तिजनक संदेश पोस्ट किया। इस संदेश में पहलगाम हमले को 'आंतरिक साजिश' करार देते हुए भारत सरकार पर भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप लगाया गया। इसके साथ ही भारतीय सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों की कार्यक्षमता पर भी सवाल उठाए गए।
शिक्षा मंत्री का बयान: साइबर सुरक्षा होगी और सख्त
इस साइबर हमले पर राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, "हमारे विशेषज्ञ वेबसाइट को जल्द ही पूरी तरह बहाल कर देंगे। भविष्य में इस तरह के हमलों को रोकने के लिए हम अपनी साइबर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेंगे।" वर्तमान में शिक्षा विभाग की वेबसाइट की रिकवरी का काम जारी है, लेकिन यह अभी पूरी तरह कार्यात्मक नहीं हो पाई है।
भारत-पाक तनाव का साइबर आयाम
पहलगाम हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव पहले से ही चरम पर है। अब साइबर हमलों ने इस संघर्ष को एक नया आयाम दे दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के साइबर हमले न केवल तकनीकी क्षति पहुंचाते हैं, बल्कि सूचना युद्ध और प्रचार के जरिए जनता के बीच भ्रम फैलाने का भी प्रयास करते हैं।
भारत सरकार और राज्य सरकारें इस चुनौती से निपटने के लिए साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के साथ मिलकर काम कर रही हैं। राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसियां भी इस मामले की जांच में जुट गई हैं ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
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