Ayodhya: राम मंदिर के शिखर पर स्थापित हुआ 42 फीट ऊंचा ध्वज दंड

अयोध्या में 29 अप्रैल 2025 को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य शिखर पर 42 फीट ऊंचा ध्वज दंड स्थापित किया गया। परशुराम जयंती पर सुबह 6:30 से 8:00 बजे तक चली इस प्रक्रिया में L&T और TCS के इंजीनियरों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह ऐतिहासिक घटना राम मंदिर के गौरव में एक नया अध्याय जोड़ती है।

Ayodhya: राम मंदिर के शिखर पर स्थापित हुआ 42 फीट ऊंचा ध्वज दंड

अयोध्या, 29 अप्रैल 2025: रामनगरी अयोध्या में मंगलवार का दिन बेहद खास रहा, जब श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य शिखर पर 42 फीट ऊंचा ध्वज दंड विधि-विधान के साथ स्थापित किया गया। भगवान परशुराम जयंती के पावन अवसर पर वैशाख शुक्ल द्वितीया को सुबह 6:30 बजे शुरू हुई इस प्रक्रिया को 8:00 बजे सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इस ऐतिहासिक घटना ने राम मंदिर के गौरवशाली इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि ध्वज दंड की स्थापना का कार्य सुबह 6:30 बजे शुरू हुआ और डेढ़ घंटे में पूरा हुआ। मंदिर की कुल ऊंचाई, शिखर कलश सहित 161 फीट है, और अब इसमें 42 फीट का ध्वज दंड जुड़ गया है, जो मंदिर की भव्यता को और बढ़ाता है।

कैसे हुई ध्वज दंड की स्थापना?

ध्वज दंड को 160 फीट की ऊंचाई पर मंदिर के शिखर पर स्थापित करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया। लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के इंजीनियरों ने शिखर पर चढ़कर इस कार्य को अंजाम दिया। दो क्रेनों की मदद से ध्वज दंड को ट्राला से उठाया गया और धीरे-धीरे वर्टिकल स्थिति में लाया गया। इसके बाद टावर क्रेन के जरिए इसे शिखर पर स्थापित किया गया।

इन लोगों की रही महत्वपूर्ण भूमिका

इस ऐतिहासिक अवसर पर ध्वज दंड के निर्माता गुजरात के भरत भाई, पत्थरों की नक्काशी करने वाले ठेकेदार नरेश मालवीय, पत्थरों के कार्यों का सुपरविजन करने वाले चंद्रशेखर सोमपुरा सहित L&T और TCS के इंजीनियरों की एक बड़ी टीम मौजूद थी। सभी ने मिलकर इस कार्य को सफल बनाया।

रामनगरी में उत्साह का माहौल

ध्वज दंड की स्थापना के साथ ही अयोध्या में उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला। यह घटना न केवल मंदिर निर्माण के एक और चरण की पूर्णता का प्रतीक है, बल्कि भगवान श्रीराम के प्रति भक्तों की अटूट आस्था को भी दर्शाती है। 

राम मंदिर के शिखर पर ध्वज दंड की स्थापना ने न सिर्फ अयोध्या, बल्कि पूरे देश में राम भक्तों के बीच खुशी की लहर दौड़ा दी है। यह पल हर उस व्यक्ति के लिए गर्व का विषय है, जो इस भव्य मंदिर के निर्माण से जुड़ा है।