पाक हमलों के बीच महबूबा मुफ्ती का शांति राग, केंद्र से की बातचीत की अपील
भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान लगातार ड्रोन और मिसाइल से हमले कर रहा है, भारत भी जवाबी कार्रवाई करते हुए मुंहतोड़ जवाब दे रहा है। इसी बीच जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भारत को ही शांति और वार्ता की दुहाई देनी शुरू की है।
सीमा पार से पाकिस्तान के लगातार हमलों और तनावपूर्ण माहौल के बीच पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शांति और वार्ता का रास्ता अपनाने की वकालत की है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह स्थिति को नियंत्रित करने और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए पाकिस्तान के साथ बातचीत शुरू करे।
महबूबा मुफ्ती ने श्रीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, "हिंसा और हमले किसी भी समस्या का समाधान नहीं हैं। जम्मू-कश्मीर के लोग पहले ही दशकों से संघर्ष झेल रहे हैं। अब समय है कि दोनों देश संवाद के रास्ते पर चलें और शांति की दिशा में ठोस कदम उठाएं।" उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि वह कूटनीतिक स्तर पर पहल करे ताकि सीमा पर तनाव कम हो और आम लोगों को राहत मिले।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों की सुरक्षा और समृद्धि के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच रचनात्मक वार्ता आवश्यक है। "हमें अपने बच्चों के लिए एक सुरक्षित और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करना होगा। इसके लिए दोनों पक्षों को पुरानी कटुता को भुलाकर आगे बढ़ना होगा," महबूबा ने कहा।
हाल के दिनों में नियंत्रण रेखा (LOC) पर पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी और घुसपैठ की कोशिशों में वृद्धि देखी गई है, जिसके जवाब में भारतीय सेना ने भी कड़ा रुख अपनाया है। इस तनाव ने स्थानीय लोगों में भय और अनिश्चितता पैदा कर दी है।
महबूबा मुफ्ती के इस बयान पर राजनीतिक हलकों में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहां कुछ लोग उनके शांति के आह्वान का समर्थन कर रहे हैं, वहीं कुछ ने इसे मौजूदा परिस्थितियों में अव्यावहारिक बताया है। केंद्र सरकार की ओर से अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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