"ODOP ने बदली यूपी की तस्वीर: योगी बोले, अब बाजारों में दिखता है स्थानीय दम"
उत्तर प्रदेश में अब ODOP का दबदबा: CM योगी बोले—"2017 से पहले बाजार चीन के सामान से पटा था"
लखनऊ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के बाजार, विशेष रूप से त्योहारों के समय, चीन के सामान से भरे रहते थे। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। आज प्रदेश में 'एक जिला, एक उत्पाद' (ODOP) योजना के तहत बने स्थानीय उत्पादों की मांग चीन के उत्पादों से अधिक है।
मुख्यमंत्री ने यह बातें लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित दो दिवसीय युवा कॉन्क्लेव के उद्घाटन अवसर पर कहीं। इस कार्यक्रम में हजारों युवाओं, उद्यमियों, निवेशकों और नीति निर्माताओं ने भाग लिया।
"परिवारवाद ने MSME को किया कमजोर"
सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा,
"2017 से पहले भी प्रदेश में ODOP की अपार संभावनाएं थीं, लेकिन उस समय की सरकारें परिवारवाद में लिप्त थीं। MSME उद्योगों को सशक्त करने के बजाय उन्हें बंद करने की साजिश रची गई।"
उन्होंने कहा कि आज सरकार युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए हर संभव मदद कर रही है, जिससे स्थानीय उत्पाद वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आ सके हैं।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना बनी गेमचेंजर
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना आज युवाओं के लिए नौकरी पाने नहीं, नौकरी देने का माध्यम बन चुकी है।
उन्होंने साझा किया कि:
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योजना के तहत अब तक ₹2751 करोड़ रुपए 68,000 से अधिक युवाओं को वितरित किए जा चुके हैं।
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सरकार योजना के तहत ब्याज, गारंटी और 10% मार्जिन मनी की जिम्मेदारी स्वयं उठाती है।
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यह योजना उन युवाओं के लिए समाधान है, जो संसाधनों या जानकारी के अभाव में कर्ज के जाल में फंस जाते हैं।
विश्वविद्यालयों को जोड़ा गया स्टार्टअप संस्कृति से
सीएम ने कहा कि अक्सर विश्वविद्यालय "टापू जैसे बन जाते हैं", जहां छात्रों को केंद्र व राज्य की योजनाओं की जानकारी नहीं होती।
"ऐसे युवा जब पढ़ाई पूरी करके निकलते हैं, तो चौराहों पर खड़े हो जाते हैं—उन्हें पता नहीं होता कि क्या करें।"
इसी समस्या के समाधान हेतु राज्य सरकार ने विश्वविद्यालयों से एमओयू (MoU) साइन किए हैं, जिससे छात्र सीधे राज्य और केंद्र की योजनाओं से जुड़ सकें।
कॉन्क्लेव से जुड़े 150 नए बिजनेस आइडिया
अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने कहा कि
"मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान को मात्र एक साल में जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। हमने 150 ऐसे सफल बिजनेस आइडिया साझा किए हैं, जिन्हें ₹5 लाख की लागत में शुरू किया जा सकता है।"
इस अभियान के तहत:
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1100 विश्वविद्यालय छात्रों ने भाग लिया जो अब स्टार्टअप्स में कदम रखेंगे।
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रूफटॉप सोलर मेंटेनेंस जैसे नए क्षेत्रों को भी जोड़ा गया है।
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लक्ष्य है अगले एक वर्ष में 10 लाख नए उद्यमियों को तैयार करना।
"वन स्टॉप बिजनेस प्लेटफॉर्म" की अवधारणा
आयुक्त एवं निदेशक उद्योग के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि यह युवा कॉन्क्लेव "वन स्टॉप बिजनेस प्लेटफॉर्म" की अवधारणा पर आधारित है। इसका उद्देश्य है:
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युवाओं को आइडिया से लेकर उद्यम स्थापित करने तक की पूरी प्रक्रिया में मार्गदर्शन देना।
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एक ही मंच पर फ्रेंचाइजी, वित्तीय संस्थाएं, औद्योगिक ब्रांड, प्रशिक्षक और नीति निर्माता को एकत्र करना।
news desk MPcg