1911 से राष्ट्र की सेवा: सेंट्रल बैंक ने मनाया 115 वां फाउंडेशन डे

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने धूमधाम से मनाया 115वां स्थापना दिवस, देशसेवा का संकल्प दोहराया

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का 115वां स्थापना दिवस, देशसेवा का संकल्प
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1. सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का 115वां स्थापना दिवस, देशसेवा का संकल्प

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने धूमधाम से मनाया 115वां स्थापना दिवस, देशसेवा का संकल्प दोहराया सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने अपने गौरवशाली इतिहास के 115 वर्षों पूरे होने पर स्थापना दिवस को भव्य रूप से मनाया। वर्ष 1911 में महान दूरदर्शी सर सोराबजी पोछखानावाला द्वारा स्थापित इस सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ने देश की बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। इस अवसर पर कार्यक्रम स्थल को आकर्षक सजावट, रोशनी और बैंक की विरासत को दर्शाते बैनरों से सजाया गया। समारोह में बैंक के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और विशेष अतिथि बड़ी संख्या में मौजूद रहे। बैनर पर अंकित संदेश “ग्राहक विश्वास से सशक्त, राष्ट्र को समर्पित” बैंक की उस सोच को दर्शाता है, जो वर्षों से करोड़ों ग्राहकों के भरोसे पर आगे बढ़ती रही है। बैंक ने अपने 11 करोड़ से अधिक ग्राहकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और भविष्य में और बेहतर सेवाएं देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान बैंक की उपलब्धियों, सामाजिक दायित्वों और जनहितकारी पहलों को भी साझा किया गया। वक्ताओं ने कहा कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया न सिर्फ वित्तीय सेवाएं दे रहा है, बल्कि समावेशी विकास और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी अहम योगदान दे रहा है। 115वें स्थापना दिवस पर बैंक परिवार ने एकजुट होकर देश के विकास में अपनी भूमिका को और मजबूत करने का संकल्प लिया। यह समारोह न केवल अतीत की उपलब्धियों का उत्सव था, बल्कि भविष्य के लिए नई ऊर्जा और नए लक्ष्य तय करने का अवसर भी बना।