महाकुंभ 2025 का आयोजन आज, 13 जनवरी 2025, को पौष पूर्णिमा के अवसर पर प्रयागराज में शुरू हो गया है। यह दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक समारोह है, जिसमें अनुमानित 35 करोड़ श्रद्धालुओं के भाग लेने की उम्मीद है।
**** स्नान की संख्या और सुरक्षा व्यवस्था
- सुबह 9:30 बजे तक लगभग **60 लाख श्रद्धालुओं** ने संगम में स्नान किया।
- महाकुंभ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखा गया है। संगम जाने वाले मार्गों पर बैरिकेटिंग की गई है और पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन कर रहे हैं।
**** स्नान का शुभ मुहूर्त
- पौष पूर्णिमा पर स्नान का शुभ मुहूर्त सुबह **5:27 बजे** से **6:21 बजे** तक रहा। इसके अलावा, अन्य महत्वपूर्ण मुहूर्त इस प्रकार हैं:
- विजय मुहूर्त: 2:15 बजे से 2:57 बजे
- गोधूलि मुहूर्त: 5:42 बजे से 6:09 बजे
- निशिता मुहूर्त: रात 12:03 बजे से 12:57 बजे
**** महाकुंभ के स्नान की विशेषताएँ
- इस बार महाकुंभ में कुल **छह प्रमुख स्नान** होंगे, जिनमें से तीन अमृत (शाही) स्नान हैं। पहला अमृत स्नान **मकर संक्रांति** पर, यानी **14 जनवरी 2025** को होगा।
- महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे स्नान करते समय साबुन या शैंपू का उपयोग न करें, क्योंकि इसे पवित्र जल को अशुद्ध करने वाला माना जाता है।
**** प्रधानमंत्री का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएँ दी हैं और इस महापर्व को भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक बताया है।
महाकुंभ का यह आयोजन 26 फरवरी 2025 तक चलेगा और इसमें विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-पाठ का आयोजन भी किया जाएगा।