पीएम इंटर्नशिप स्कीम: युवाओं के लिए नई योजना, पहले 20 कंपनियों को मिलेगा मौका
PM Internship Scheme: शेष राशि कंपनियों की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) गतिविधियों के माध्यम से जुटाई जाएगी
नई दिल्ली: केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण घोषणा की थी कि केंद्र सरकार युवाओं को इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करने के लिए एक नई योजना शुरू करेगी। इस योजना के अंतर्गत, पीएम इंटर्नशिप स्कीम के तहत युवाओं को शीर्ष 500 कंपनियों में इंटर्नशिप का मौका मिलेगा।
योजना का उद्देश्य और तैयारी:
इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उद्योगों में आवश्यक कौशल और अनुभव प्रदान करना है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय और कॉर्पोरेट मामलों का मंत्रालय मिलकर इस योजना को लागू करने की तैयारी कर रहे हैं। सरकार ने पहले चरण में 20 कंपनियों के साथ चर्चा की है और अन्य कंपनियों के साथ बातचीत जारी है।
इस योजना के तहत कुल 60,000 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। इसमें से 30,000 करोड़ रुपये राज्य सरकारों द्वारा प्रदान किए जाएंगे, जबकि शेष राशि कंपनियों की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) गतिविधियों के माध्यम से जुटाई जाएगी।
इंटर्नशिप का विवरण:
पीएम इंटर्नशिप स्कीम के तहत, इंटर्नों को हर महीने लगभग 5,000 रुपये का भत्ता मिलेगा, और एक बार में 6,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। ट्रेनिंग का खर्च कंपनियां अपनी CSR गतिविधियों के माध्यम से वहन करेंगी। इस स्कीम में कंपनियों की भागीदारी स्वैच्छिक होगी, और कंपनियों पर इंटर्न को स्थायी नौकरी देने का कोई दबाव नहीं होगा।
योग्यता और चयन:
इस इंटर्नशिप योजना का लाभ उन युवाओं को मिलेगा जिन्होंने फुल-टाइम कोर्स किया हो। चयनित युवाओं की प्रोफाइल कंपनियों के अनुसार तैयार की जाएगी। हालांकि, इस योजना का लाभ आईआईटी, आईआईएम और आईआईएसईआर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से पढ़ाई कर चुके छात्रों, सीए और सीएमए की डिग्री धारकों, और सरकारी नौकरी करने वाले परिवारों के सदस्यों को नहीं मिलेगा। इसके अलावा, केवल 21 से 24 साल की उम्र के युवा ही इस स्कीम का हिस्सा बन सकेंगे।
आवेदन की प्रक्रिया :
हालांकि इंटर्नशिप पाने के लिए आवेदन की प्रक्रिया पर अभी तक कोई आधिकारिक अपडेट नहीं आया है, लेकिन जल्दी ही सरकार इस संबंध में विवरण जारी करेगी।
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