भोपाल टीआई हकम सिंह सुसाइड केस: हनीट्रैप, ब्लैकमेल और साजिश का जाल

भोपाल टीआई हकम सिंह सुसाइड केस: हनीट्रैप, ब्लैकमेल और साजिश का जाल

भोपाल।

 मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में कार्यरत टीआई हकम सिंह पंवार की आत्महत्या का मामला आज भी चर्चा का विषय बना हुआ है। यह घटना न केवल पुलिस महकमे को हिला देने वाली थी, बल्कि इसमें सामने आए आरोपों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।


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 घटना का पूरा मामला

24 जून 2022 को भोपाल के श्यामला हिल्स थाने में पदस्थ टीआई हकम सिंह पंवार ने इंदौर के कंट्रोल रूम परिसर में एक महिला एएसआई रंजना खांडे पर गोली चलाने के बाद खुद को गोली मार ली। इस दर्दनाक घटना में हकम सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि महिला एएसआई गंभीर रूप से घायल हो गई थी।


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 जांच और आरोप

इस घटना के बाद पुलिस ने हकम सिंह की आत्महत्या के मामले में चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इनमें महिला एएसआई रंजना खांडे के अलावा अन्य तीन लोग भी शामिल थे। सभी पर आत्महत्या के लिए उकसाने (IPC धारा 306), ब्लैकमेल (धारा 384, 385) और एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया।


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 परिवार का आरोप – “हनीट्रैप में फँसाए गए थे हकम सिंह”

हकम सिंह के बेटे ने पुलिस में बयान दिया कि उनके पिता को एक “हनीट्रैप गैंग” के तहत फँसाया गया था। आरोप है कि हकम सिंह से कई बार पैसे वसूले गए और जब उन्होंने इंकार किया, तो उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया गया।
परिवार का कहना है कि हकम सिंह ने अपनी पत्नी के गहने गिरवी रखकर महिला एएसआई रंजना खांडे को करीब 50 लाख रुपये तक दिए थे। बेटे और पत्नी ने दावा किया कि उनके पिता लगातार ब्लैकमेलिंग और धमकियों से तनाव में थे, जिसके चलते उन्होंने यह कठोर कदम उठाया।


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 व्यापारी का नाम भी आया सामने

जांच में इंदौर के एक कपड़ा व्यापारी गोविंद जायसवाल का नाम भी सामने आया। परिवार ने आरोप लगाया कि वही व्यक्ति हकम सिंह से पैसे मांग रहा था और रंजना खांडे के साथ मिलकर ब्लैकमेलिंग की साजिश रच रहा था।


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 जांच की वर्तमान स्थिति

घटना के बाद विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया, जिसने कई सबूत इकट्ठे किए। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हकम सिंह को आत्महत्या के लिए सीधे तौर पर कौन जिम्मेदार था। मामला अभी अदालत में विचाराधीन है और सभी आरोपी जमानत पर हैं।


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 सवाल अब भी बाकी

टीआई हकम सिंह की मौत ने पुलिस महकमे की कार्यशैली और आंतरिक दबावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह व्यक्तिगत विवाद था, या किसी सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा?
फिलहाल, परिवार न्याय की उम्मीद में है और पुलिस जांच के नतीजों का इंतजार कर रहा है।


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