अमेरिका-ईरान युद्ध और भड़का: अमेरिका की नई एयरस्ट्राइक के बाद ईरान का बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में जवाबी हमला; खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा तनाव

अमेरिका-ईरान युद्ध और भड़का: अमेरिका की नई एयरस्ट्राइक के बाद ईरान का बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में जवाबी हमला; खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा तनाव

 पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव लगातार गहराता जा रहा है। गुरुवार को अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर एक और बड़े हमले की पुष्टि की, जिसके कुछ ही समय बाद ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया। इस घटनाक्रम ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं बढ़ा दी हैं और व्यापक क्षेत्रीय युद्ध की आशंकाएं फिर तेज हो गई हैं।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, इस अभियान में ईरान के मिसाइल लॉन्च साइट, तटीय रक्षा प्रणाली, एयर डिफेंस नेटवर्क, कमांड सेंटर और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेना का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है, जिनका इस्तेमाल होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ किया जा रहा था।

ईरान का जवाब: बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमला

अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने अपने जवाबी अभियान के तहत बहरीन, कुवैत और जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।

ईरान के अनुसार, कुवैत के अली अल-सलेम एयर बेस तथा बहरीन में अमेरिकी सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाया गया। साथ ही जॉर्डन की दिशा में भी मिसाइलें दागी गईं। हालांकि इन हमलों से हुए नुकसान के संबंध में स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

जॉर्डन का दावा- 8 मिसाइलें हवा में ही मार गिराईं

जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान की ओर से दागी गई आठ मिसाइलों को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, किसी प्रकार की जनहानि या बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। मलबे को सुरक्षित कर लिया गया है और पूरे देश में एयर डिफेंस हाई अलर्ट पर रखा गया है।

बहरीन और कुवैत में एयर रेड अलर्ट

ईरानी हमलों के दावों के बाद बहरीन और कुवैत में हवाई हमले की चेतावनी (Air Raid Alert) जारी की गई। स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी। दोनों देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डे मौजूद हैं, इसलिए यह घटनाक्रम पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अमेरिका ने किन ठिकानों को बनाया निशाना?

CENTCOM के अनुसार ताजा अभियान में जिन सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया गया उनमें शामिल हैं—

मिसाइल लॉन्च साइट
एयर डिफेंस सिस्टम
तटीय रक्षा प्रतिष्ठान
ड्रोन संचालन केंद्र
कमांड एवं कंट्रोल सेंटर
बंदर अब्बास और अन्य सामरिक क्षेत्रों की सैन्य सुविधाएं

अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और ईरान की सैन्य क्षमता को सीमित करना है।

होर्मुज जलडमरूमध्य बना संघर्ष का केंद्र

इस पूरे संघर्ष का सबसे संवेदनशील बिंदु होर्मुज जलडमरूमध्य बना हुआ है, जहां से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। हाल के दिनों में जहाजों पर हमलों और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी के बाद इस मार्ग पर तनाव लगातार बढ़ा है।

रिपोर्टों के अनुसार, कई शिपिंग कंपनियां इस मार्ग से जहाज भेजने में सावधानी बरत रही हैं। इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कच्चे तेल की कीमतों पर भी असर पड़ने की आशंका बनी हुई है।

ईरान की चेतावनी- युद्ध और बढ़ सकता है

ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि यदि अमेरिका अपने सैन्य अभियान से पीछे नहीं हटता, तो ईरान बड़े सैन्य टकराव के लिए तैयार है।

वहीं IRGC ने चेतावनी दी कि आवश्यकता पड़ने पर मध्य-पूर्व से तेल और गैस निर्यात को और प्रभावित करने वाले कदम उठाए जा सकते हैं। हालांकि इन बयानों का भविष्य में क्या असर होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

ट्रम्प ने बढ़ाया रक्षा बजट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अगले वित्तीय वर्ष के लिए रक्षा बजट बढ़ाकर 1.5 ट्रिलियन डॉलर करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी सैन्य क्षमता को और मजबूत करेगा तथा आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त कार्रवाई के लिए तैयार रहेगा।

अमेरिकी नौसैनिक कार्रवाई भी तेज

अमेरिकी सेना ने यह भी कहा कि उसने ईरान की ओर बढ़ रहे एक टैंकर को रोकने के लिए कार्रवाई की। CENTCOM के अनुसार, जहाज को कई चेतावनियां दी गई थीं, लेकिन रास्ता नहीं बदलने पर उसे निष्क्रिय किया गया। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल उपलब्ध नहीं है।

उत्तरी ईरान में भी हमले

ताजा घटनाक्रम में ईरान के सेमनान क्षेत्र में भी हवाई हमलों की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट परिसर के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा है, हालांकि नागरिक इलाकों में बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

मानवीय असर

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि हालिया अमेरिकी हमलों में 35 से अधिक लोगों की मौत और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ी

लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाइयों ने पश्चिम एशिया में व्यापक युद्ध की आशंका को बढ़ा दिया है। ऊर्जा बाजार, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर इसके गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं। कई देश स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और कूटनीतिक समाधान की अपील कर रहे हैं।

प्रमुख तथ्य
अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर नई एयरस्ट्राइक की पुष्टि की।
ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों का दावा किया।
जॉर्डन ने 8 मिसाइलें इंटरसेप्ट करने की जानकारी दी।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है।
दोनों पक्षों के दावों के बीच कई घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि अभी भी जारी है।