पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा में बड़ा हादसा: मरिचिकोट चौक पर भीड़ के दबाव से 2 श्रद्धालुओं की मौत, 150 से अधिक अस्पताल में भर्ती; जांच शुरू

पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा में बड़ा हादसा: मरिचिकोट चौक पर भीड़ के दबाव से 2 श्रद्धालुओं की मौत, 150 से अधिक अस्पताल में भर्ती; जांच शुरू

विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 के दौरान गुरुवार को ओडिशा के पुरी में बड़ा हादसा सामने आया। लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच मरिचिकोट चौक इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई, जिसमें दबने और दम घुटने से दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई। हादसे के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। राहत और बचाव कार्य तत्काल शुरू किए गए।

वहीं, भीड़ के दबाव, गर्मी, उमस और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण 150 से अधिक श्रद्धालुओं को पुरी जिला मुख्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है और रथ यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है।

रथ यात्रा के दौरान दोपहर में बिगड़े हालात

जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे पुरी के मरिचिकोट चौक के पास श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा थी। भगवान जगन्नाथ के रथों के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग एक ही स्थान पर पहुंच गए थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक भीड़ का दबाव बढ़ने लगा। लोगों को निकलने में परेशानी होने लगी और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसी दौरान दो श्रद्धालु भीड़ के बीच गिर गए और बेहोश हो गए।

मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय लोगों ने तुरंत दोनों श्रद्धालुओं को भीड़ से बाहर निकाला और इलाज के लिए पुरी जिला मुख्य अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।

प्रशासन के अनुसार, मृतकों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। उनकी पहचान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

150 से ज्यादा श्रद्धालुओं की बिगड़ी तबीयत

हादसे के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, 150 से अधिक लोगों को चिकित्सा सहायता दी गई है।

इनमें कई श्रद्धालुओं को—

सांस लेने में परेशानी,
भीड़ के दबाव से कमजोरी,
गर्मी और उमस के कारण तबीयत खराब होना,
चक्कर आना और बेहोशी

जैसी समस्याओं के चलते अस्पताल लाया गया।

अस्पताल प्रशासन ने अतिरिक्त चिकित्सा व्यवस्था की है। डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को अलर्ट रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

प्रशासन ने संभाला मोर्चा, सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए।

रथ यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी है।

हादसे के बाद उठाए गए कदम—

अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती
भीड़ के प्रवेश और निकासी मार्गों की समीक्षा
बैरिकेडिंग व्यवस्था मजबूत करना
मेडिकल टीमों को अलर्ट रखना
एंबुलेंस सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाना

शामिल हैं।

हादसे की जांच में जुटा प्रशासन

ओडिशा प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर किन परिस्थितियों में भीड़ का दबाव अचानक इतना बढ़ गया।

जांच के दौरान इन पहलुओं को देखा जाएगा—

1. भीड़ प्रबंधन व्यवस्था

रथ यात्रा जैसे विशाल आयोजन में लाखों लोगों की आवाजाही होती है। प्रशासन यह जांच करेगा कि मरिचिकोट चौक पर भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं।

2. सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा

मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और सुरक्षाबलों की भूमिका की भी समीक्षा की जाएगी।

3. घटना के वास्तविक कारण

प्रशासन यह पता लगाएगा कि हादसा केवल भीड़ के दबाव से हुआ या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी था।

भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में उमड़ती है लाखों की भीड़

पुरी की रथ यात्रा भारत के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है। हर वर्ष आषाढ़ महीने में आयोजित होने वाली इस यात्रा में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा को भव्य रथों पर विराजमान कर गुंडिचा मंदिर ले जाया जाता है।

इस ऐतिहासिक यात्रा में शामिल होने के लिए देश के अलग-अलग राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी श्रद्धालु पुरी पहुंचते हैं।

रथ यात्रा के दौरान पूरा पुरी शहर श्रद्धालुओं से भर जाता है। लाखों लोगों की मौजूदगी के कारण प्रशासन के लिए सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण सबसे बड़ी चुनौती होती है।

गर्मी और उमस ने बढ़ाई परेशानी

इस बार रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के साथ-साथ मौसम भी चुनौती बना हुआ है। गर्मी और उमस के कारण कई लोगों की तबीयत बिगड़ी।

लंबे समय तक भीड़ में खड़े रहने, पानी की कमी और अत्यधिक भीड़ के कारण बुजुर्गों और बच्चों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

प्रशासन लगातार श्रद्धालुओं से अपील कर रहा है कि वे—

भीड़ में धक्का-मुक्की न करें।
बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखें।
जरूरत पड़ने पर तुरंत सुरक्षाकर्मियों से संपर्क करें।
गर्मी से बचने के लिए पर्याप्त पानी पीते रहें।
श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने की अपील

हादसे के बाद प्रशासन ने श्रद्धालुओं से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि रथ यात्रा जारी है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।

प्रशासन ने कहा कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।

बड़ा सवाल: भीड़ प्रबंधन में कहां हुई चूक?

इस हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल भीड़ प्रबंधन को लेकर उठ रहा है। इतने बड़े धार्मिक आयोजन में लाखों लोगों की मौजूदगी के बीच सुरक्षा व्यवस्था और निकासी व्यवस्था को लेकर विशेषज्ञ लगातार सतर्कता बरतने की सलाह देते रहे हैं।

अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि मरिचिकोट चौक पर स्थिति अचानक क्यों बिगड़ी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।

फिलहाल पुरी प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और घायल श्रद्धालुओं के इलाज तथा सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है।