गाजियाबाद: 150 करोड़ की संपत्ति के लिए बेटे ने पिता को गोलियों से भूना, 7 राउंड फायरिंग में गई जान; 8 साल पहले छोटे भाई को भी मारने की कोशिश
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के मोदीनगर क्षेत्र से रिश्तों को झकझोर देने वाली वारदात सामने आई है। गांव बुदाना में कथित तौर पर संपत्ति विवाद के चलते एक बेटे ने अपने ही पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोप है कि बेटा अपने पिता पर करीब 150 करोड़ रुपये की संपत्ति अपने नाम करने का दबाव बना रहा था, लेकिन पिता इसके लिए तैयार नहीं थे।
बुधवार देर रात हुई इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मृतक की पत्नी की शिकायत पर आरोपी बेटे के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी वारदात के बाद से फरार है और पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है।
नशे की हालत में घर पहुंचा बेटा, पिता से हुआ विवाद
पुलिस और परिवार से मिली जानकारी के मुताबिक, घटना बुधवार रात करीब 10 बजे की है। बुदाना गांव निवासी हरिओम नेहरा घर पर मौजूद थे। इसी दौरान उनका बड़ा बेटा निखिल नेहरा नशे की हालत में घर पहुंचा।
बताया जा रहा है कि निखिल लंबे समय से संपत्ति के बंटवारे को लेकर पिता से नाराज चल रहा था। घर पहुंचते ही उसने एक बार फिर पिता से संपत्ति अपने नाम करने की बात शुरू कर दी।
पिता हरिओम ने बेटे को समझाने की कोशिश की, लेकिन बातचीत धीरे-धीरे विवाद में बदल गई। दोनों के बीच कहासुनी की आवाज सुनकर परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए।
मृतक की पत्नी मीनाक्षी और छोटा बेटा नीशू ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि निखिल काफी गुस्से में था।
पिता पर ताबड़तोड़ 7 गोलियां चलाईं
आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद निखिल ने अपनी पिस्टल निकाल ली और पिता हरिओम पर फायरिंग शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि उसने लगातार सात राउंड फायर किए। गोली लगने से हरिओम गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े।
परिजन आनन-फानन में उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के अनुसार, हरिओम के शरीर में चार गोलियां लगी थीं। इनमें सिर, सीने और गले के हिस्से में चोटें आई थीं।
वारदात के बाद आरोपी बेटा मौके से फरार हो गया।
150 करोड़ की संपत्ति बनी रिश्तों में दरार की वजह
पुलिस जांच में शुरुआती तौर पर सामने आया है कि हत्या के पीछे संपत्ति विवाद मुख्य कारण हो सकता है।
परिवार के पास बड़ी मात्रा में जमीन और व्यावसायिक संपत्तियां थीं। हरिओम नेहरा के नाम पर:
करीब 75 बीघा जमीन
छह दुकानें
कॉम्प्लेक्स के पीछे की जमीन
अन्य संपत्तियां थीं
बताया जा रहा है कि परिवार में विवाद न हो, इसलिए हरिओम ने संपत्ति को तीन हिस्सों में बांट दिया था।
परिवार के अनुसार:
बड़े बेटे निखिल को करीब 25 बीघा जमीन और दो दुकानें दी गई थीं।
छोटे बेटे नीशू को भी हिस्सा दिया गया था।
कुछ संपत्ति हरिओम ने अपने नियंत्रण में रखी थी।
लेकिन आरोप है कि निखिल इस बंटवारे से संतुष्ट नहीं था और वह पूरी संपत्ति अपने नाम करवाना चाहता था।
पिता को था डर, संपत्ति बेच सकता है बेटा
परिवार के लोगों के मुताबिक, हरिओम को डर था कि अगर पूरी संपत्ति निखिल के नाम कर दी गई तो वह उसे बेच सकता है या गलत तरीके से इस्तेमाल कर सकता है।
इसी वजह से उन्होंने पूरी संपत्ति बेटे के नाम करने से इनकार कर दिया था।
बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर घर में लंबे समय से तनाव चल रहा था।
परिवार के लोगों ने पुलिस को बताया कि निखिल कई बार पिता से संपत्ति को लेकर विवाद करता था।
2018 में छोटे भाई को भी मारी थी गोली
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि निखिल पहले भी हिंसक वारदात कर चुका है।
परिवार के अनुसार, वर्ष 2018 में निखिल ने अपने छोटे भाई नीशू नेहरा पर गोली चला दी थी।
उस घटना में गोली नीशू के पेट में लगी थी। हालांकि, इलाज के बाद उसकी जान बच गई थी।
हैरानी की बात यह है कि उस समय मामले में कोई बड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं हुई थी।
अब पिता की हत्या के बाद पुलिस इस पुराने मामले की जानकारी भी जुटा रही है और यह जांच कर रही है कि क्या दोनों घटनाओं के पीछे एक जैसी वजह थी।
नई जमीन को लेकर भी था विवाद
पुलिस जांच में एक और विवाद सामने आया है।
बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले हरिओम ने बुदाना रोड पर करीब पांच बीघा जमीन खरीदी थी।
हरिओम इस जमीन पर बैंक्वेट हॉल बनाने की योजना बना रहे थे, जबकि निखिल वहां कॉलोनी विकसित करना चाहता था।
इसी मुद्दे पर भी पिता-पुत्र के बीच विवाद होने की बात सामने आई है।
परिवार के लोगों का कहना है कि संपत्ति से जुड़े फैसलों को लेकर दोनों के बीच कई बार बहस हो चुकी थी।
पत्नी की शिकायत पर मुकदमा दर्ज
घटना के बाद पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिवार के सदस्यों से पूछताछ की।
मृतक की पत्नी मीनाक्षी नेहरा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने निखिल नेहरा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
जांच टीम आरोपी की लोकेशन ट्रेस करने के लिए तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
गांव में दहशत का माहौल
घटना के बाद बुदाना गांव में तनाव का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए।
पुलिस ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।
स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार आर्थिक रूप से मजबूत था और संपत्ति को लेकर विवाद लंबे समय से चल रहा था।
पुलिस की जांच में सामने आएंगे कई सवालों के जवाब
फिलहाल पुलिस के सामने कई सवाल हैं:
क्या हत्या की पूरी वजह सिर्फ संपत्ति विवाद थी?
क्या आरोपी पहले से हत्या की योजना बनाकर आया था?
2018 में हुए हमले के बाद कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
हथियार आरोपी के पास कैसे पहुंचा?
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में पूरी घटना का खुलासा होगा।
फिलहाल गाजियाबाद पुलिस फरार आरोपी निखिल नेहरा की तलाश में जुटी हुई है।
news desk MPcg