बलिया जिला अस्पताल में बनेगा 50 बेड का अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर यूनिट, 23.75 करोड़ की परियोजना से बदलेगी गंभीर मरीजों के इलाज की तस्वीर
प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत निर्माण की तैयारी तेज, 13 आवास होंगे खाली; हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा जिला स्तर पर इलाज
जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। बलिया जिला अस्पताल परिसर में जल्द ही 50 बेड क्षमता वाला अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर यूनिट (CCU) बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत प्रस्तावित इस महत्वपूर्ण परियोजना की अनुमानित लागत करीब 23.75 करोड़ रुपये है। इस यूनिट के तैयार होने के बाद गंभीर मरीजों को बेहतर और त्वरित उपचार के लिए वाराणसी, गोरखपुर या अन्य बड़े शहरों के अस्पतालों पर कम निर्भर रहना पड़ेगा।
जिला अस्पताल में बनने वाला यह क्रिटिकल केयर यूनिट आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस होगा और विशेष रूप से उन मरीजों के लिए मददगार साबित होगा, जिन्हें तत्काल निगरानी और विशेषज्ञ उपचार की जरूरत होती है।
निर्माण के लिए अस्पताल परिसर में जगह चिन्हित
क्रिटिकल केयर यूनिट के निर्माण के लिए जिला अस्पताल परिसर में स्थान चिन्हित कर लिया गया है। प्रस्तावित भवन का निर्माण ट्रामा सेंटर के बगल और पुराने सीएमएस आवास परिसर क्षेत्र में कराया जाएगा।
निर्माण कार्य शुरू करने से पहले जमीन को पूरी तरह तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए अस्पताल परिसर में बने 13 आवासों को खाली कराया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अभय नारायण राय ने इस संबंध में जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, आवास खाली होने के बाद निर्माण एजेंसी को कार्य शुरू करने में सुविधा होगी और परियोजना को समय पर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सीसीयू बनने से गंभीर मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
अभी जिला अस्पताल में गंभीर मरीजों के इलाज के लिए सीमित संसाधन उपलब्ध हैं। कई बार मरीजों की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें उच्च स्तरीय इलाज के लिए दूसरे जिलों या बड़े मेडिकल संस्थानों में रेफर करना पड़ता है।
विशेष रूप से इन मामलों में मरीजों को तत्काल विशेषज्ञ देखभाल की आवश्यकता होती है:
हार्ट अटैक के मरीज
ब्रेन स्ट्रोक के मामले
सड़क दुर्घटना में गंभीर घायल मरीज
सिर में चोट (हेड इंजरी) वाले मरीज
सांस संबंधी गंभीर बीमारियां
अन्य आपातकालीन चिकित्सा स्थितियां
सीसीयू के शुरू होने के बाद ऐसे मरीजों को जिला स्तर पर ही बेहतर इलाज और लगातार निगरानी की सुविधा मिल सकेगी।
आधुनिक मशीनों और विशेषज्ञ स्टाफ से लैस होगा यूनिट
प्रस्तावित क्रिटिकल केयर यूनिट को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के अनुरूप विकसित किया जाएगा। करीब एक हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल में बनने वाले इस केंद्र में गंभीर मरीजों की देखभाल के लिए अत्याधुनिक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
सीसीयू में मुख्य रूप से:
वेंटिलेटर सपोर्ट सिस्टम
एडवांस मरीज मॉनिटरिंग सिस्टम
केंद्रीय ऑक्सीजन सप्लाई नेटवर्क
इमरजेंसी सपोर्ट सिस्टम
प्रशिक्षित चिकित्सकों की टीम
विशेषज्ञ पैरामेडिकल स्टाफ
की व्यवस्था होगी।
इन सुविधाओं के जरिए मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सकेगी और जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा हस्तक्षेप किया जा सकेगा।
अधिकारियों ने किया निर्माण स्थल का निरीक्षण
सीसीयू निर्माण की तैयारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभय नारायण राय और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसके यादव ने अधिकारियों की टीम के साथ प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्माण स्थल की स्थिति, उपलब्ध जगह, पहुंच मार्ग और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजना से जुड़ी सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी की जाएं, ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके।
रेफरल सिस्टम पर कम होगा दबाव
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि जिले में अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर सुविधा उपलब्ध होने से रेफरल मरीजों की संख्या में कमी आएगी।
अक्सर गंभीर मरीजों को दूसरे शहरों में भेजने के दौरान समय की कमी और लंबी दूरी इलाज में बाधा बन जाती है। ऐसे में जिला अस्पताल में ही उच्च स्तरीय सुविधा मिलने से मरीजों को शुरुआती और महत्वपूर्ण घंटों में उपचार मिल सकेगा।
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, गंभीर मरीजों के इलाज में शुरुआती कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यदि उसी दौरान उचित उपचार मिल जाए तो मरीज की जान बचाने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन से मजबूत होगा स्वास्थ्य ढांचा
केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (PM-ABHIM) योजना का उद्देश्य देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। इसके तहत जिला स्तर पर आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
बलिया में प्रस्तावित 50 बेड का सीसीयू भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे जिले में गंभीर बीमारियों के उपचार की क्षमता बढ़ेगी और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं अपने ही जिले में उपलब्ध हो सकेंगी।
लंबे समय से महसूस की जा रही थी जरूरत
बलिया जैसे बड़े जिले में लंबे समय से अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर सुविधा की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। जिले की बड़ी आबादी के कारण जिला अस्पताल पर मरीजों का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे शहरों में जाना पड़ता था, जिससे आर्थिक बोझ के साथ-साथ समय की भी परेशानी होती थी। नई सीसीयू सुविधा शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य
स्वास्थ्य विभाग की ओर से परियोजना की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
50 बेड वाला यह क्रिटिकल केयर यूनिट आने वाले समय में बलिया की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकता है। इससे न केवल गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा, बल्कि जिले की चिकित्सा सुविधाएं भी प्रदेश के अन्य विकसित जिलों की दिशा में आगे बढ़ेंगी।
news desk MPcg