33 फीट ऊंचा, 210 टन वजनी शिवलिंग | वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मोतिहारी में स्थापित हो रहा विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग | Bihar News
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मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में आज एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक क्षण का साक्षात्कार हो रहा है। कल्याणपुर प्रखंड के राजपुर पंचायत अंतर्गत कैथवलिया गांव में विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना वैदिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ की जा रही है। देश-विदेश से आए साधु-संतों और प्रकांड विद्वानों की उपस्थिति में पूरा क्षेत्र शिवमय वातावरण में डूबा हुआ है।
इस भव्य अनुष्ठान में आचार्य किशोर कुणाल के पुत्र सायन कुणाल अपनी सांसद धर्मपत्नी शाम्भवी चौधरी के साथ यजमान की भूमिका निभा रहे हैं। वैदिक ऋचाओं और शंखनाद के बीच शिवलिंग की पूजा-अर्चना की जा रही है, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है।
बताया गया है कि यह विशाल शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम में निर्मित किया गया है। लगभग 33 फीट ऊंचा यह शिवलिंग पूरी तरह ग्रेनाइट पत्थर से बना है और इसका वजन करीब 210 मीट्रिक टन है। इसे विश्व का सबसे बड़ा एकल शिवलिंग माना जा रहा है, जो अपने आप में एक अद्भुत इंजीनियरिंग और शिल्पकला का उदाहरण है।
शिवलिंग को स्थापित करने की प्रक्रिया कई दिनों की कठिन तकनीकी और धार्मिक तैयारी के बाद संभव हो पाई है। स्थानीय प्रशासन और आयोजन समिति द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए हैं। इस ऐतिहासिक स्थापना के साथ ही मोतिहारी न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के धार्मिक और सांस्कृतिक मानचित्र पर एक नई पहचान बना रहा है।
news desk MPcg