इंदौर में BRICS कृषि सम्मेलन शिवराज बोले- छोटे किसानों को मजबूत किए बिना खाद्य सुरक्षा संभव नहीं

इंदौर में BRICS कृषि सम्मेलन शिवराज बोले- छोटे किसानों को मजबूत किए बिना खाद्य सुरक्षा संभव नहीं

मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय BRICS कृषि सम्मेलन के चौथे दिन शुक्रवार को दुनिया के करीब 20 देशों के कृषि मंत्री, नीति विशेषज्ञ और प्रतिनिधि एक मंच पर जुटे। सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वैश्विक कृषि सहयोग, खाद्य सुरक्षा और छोटे किसानों के सशक्तिकरण को भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।

अपने संबोधन में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत "वसुधैव कुटुंबकम" की भावना के साथ पूरी दुनिया को एक परिवार मानता है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शांति, साझेदारी और समावेशी विकास के सिद्धांत पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आजीविका और वैश्विक खाद्य सुरक्षा का आधार है।

छोटे किसानों को सशक्त बनाने पर दिया जोर

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ता दबाव और बाजार की अनिश्चितताएं सबसे अधिक छोटे और सीमांत किसानों को प्रभावित करती हैं। ऐसे में BRICS देशों को तकनीक, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से मिलकर ऐसे समाधान विकसित करने होंगे, जो किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को टिकाऊ बनाने में मदद करें।

उन्होंने कहा कि यदि दुनिया के छोटे किसान मजबूत होंगे, तो वैश्विक खाद्य सुरक्षा भी मजबूत होगी और भविष्य की चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना किया जा सकेगा।

भारत की कृषि उपलब्धियों का किया उल्लेख

शिवराज सिंह चौहान ने भारत की कृषि प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया कि पिछले एक दशक में देश के कृषि क्षेत्र में औसतन 4.5 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि भारत का खाद्यान्न उत्पादन लगभग 376 मिलियन टन, गेहूं उत्पादन 118 मिलियन टन और बागवानी उत्पादन 378 मिलियन टन से अधिक पहुंच चुका है। इसके अलावा मछली उत्पादन भी 19 मिलियन टन से अधिक हो गया है, जो कृषि क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है।

वैश्विक सहयोग पर विशेष जोर

सम्मेलन में शामिल विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने कृषि नवाचार, खाद्य सुरक्षा, जल संरक्षण, डिजिटल कृषि और सतत खेती जैसे विषयों पर विचार साझा किए। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती जलवायु परिस्थितियों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग ही कृषि क्षेत्र को नई दिशा दे सकता है।

विदेशी प्रतिनिधि करेंगे मांडू किले का भ्रमण

सम्मेलन के कार्यक्रम के तहत शुक्रवार दोपहर विदेशी प्रतिनिधिमंडल को मांडू किले का भ्रमण कराया जाएगा, जहां वे मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से परिचित होंगे। इसके बाद शाम को सभी प्रतिनिधियों के सम्मान में भव्य गाला डिनर का आयोजन भी किया जाएगा।

इंदौर में आयोजित यह सम्मेलन कृषि क्षेत्र में वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए साझा रणनीति तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।