मोदी बने सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री, नेहरू का रिकॉर्ड टूटा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए लगातार सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाले नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 4,399 दिन पूरे हो गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में मंत्रियों ने खड़े होकर तालियां बजाकर प्रधानमंत्री मोदी का अभिनंदन किया। सरकार की ओर से उनके नेतृत्व और लगातार तीन कार्यकाल तक जनता के विश्वास को देश के लोकतांत्रिक इतिहास की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया।
इधर, भारत मंडपम में आयोजित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की बैठक में भी प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में विशेष प्रस्ताव पेश किया गया। प्रस्ताव में उन्हें भारत का सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाला निर्वाचित प्रधानमंत्री बताया गया। जानकारी के अनुसार, प्रस्ताव भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने रखा, जबकि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने उसका समर्थन किया।
बैठक में भाजपा और NDA शासित 22 राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और गठबंधन के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में सभी सहयोगी दलों के नेताओं के साथ समूह फोटो भी खिंचवाई और बाद में उन्हें संबोधित किया।
गौरतलब है कि स्वतंत्रता के बाद जवाहरलाल नेहरू 15 अगस्त 1947 से प्रधानमंत्री रहे, लेकिन 1952 के पहले आम चुनाव के बाद निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल 13 मई 1952 से 27 मई 1964 तक 4,398 दिनों का रहा। अब नरेंद्र मोदी इस रिकॉर्ड को पार कर भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का यह तीसरा कार्यकाल है। वर्ष 2014 में पहली बार संसद पहुंचने पर उन्होंने संसद भवन की सीढ़ियों को नमन किया था। 2019 में उन्होंने संविधान को प्रणाम किया और 2024 में संसद में प्रवेश के दौरान संविधान की प्रति को माथे से लगाकर सम्मान व्यक्त किया था। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह उपलब्धि भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।
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