बरनाला को मिलेगा पहला मेयर हसनप्रीत भारद्वाज की जीत लगभग तय, सीनियर और डिप्टी मेयर चुनाव पर सस्पेंस बरकरार
पंजाब के बरनाला शहर के लिए आज का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। नगर निगम का दर्जा मिलने के बाद पहली बार शहर को अपना निर्वाचित मेयर मिलने वाला है। नगर निगम के पुस्तकालय सभागार में नव-निर्वाचित पार्षदों की बैठक के दौरान मेयर पद के चुनाव की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
सत्ताधारी दल के पास स्पष्ट बहुमत होने के कारण वार्ड नंबर 44 से निर्वाचित पार्षद हसनप्रीत भारद्वाज का मेयर चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में इसे औपचारिक घोषणा भर माना जा रहा है, जबकि सबसे अधिक चर्चा सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पदों को लेकर हो रही है।
सूत्रों के अनुसार, इन दोनों पदों के लिए कई पार्षद अपनी दावेदारी जता रहे हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व फिलहाल इन चुनावों को टालने के पक्ष में दिखाई दे रहा है, ताकि संगठन के भीतर किसी तरह की गुटबाजी या असंतोष की स्थिति पैदा न हो। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए पार्टी बेहद सावधानी से राजनीतिक संतुलन साधना चाहती है।
बरनाला नगर निगम में कुल 50 वार्ड हैं। इनमें सत्ताधारी दल के 36 पार्षद हैं, जबकि भाजपा के सात, निर्दलीय पांच और कांग्रेस के दो पार्षद चुने गए हैं। स्पष्ट बहुमत के कारण मेयर पद पर सत्ताधारी दल की जीत तय मानी जा रही है।
हसनप्रीत भारद्वाज लंबे समय से संगठन से जुड़े रहे हैं और सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर के विशेष कार्य अधिकारी (OSD) के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। इससे पहले वे राजस्व विभाग में पटवारी के पद पर तैनात थे, लेकिन वर्ष 2022 में सरकारी नौकरी छोड़कर सक्रिय राजनीति में आ गए। संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका और मजबूत पकड़ के चलते उन्हें मेयर पद का सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
अब पूरे जिले की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बरनाला के पहले मेयर के रूप में हसनप्रीत भारद्वाज की औपचारिक घोषणा कब होती है और सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर पदों पर पार्टी नेतृत्व क्या फैसला लेता है।
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