सोना-चांदी में बड़ी गिरावट: एक दिन में चांदी ₹10,566 और सोना ₹2,522 सस्ता, निवेशकों और खरीदारों के लिए बढ़ा मौका

सोना-चांदी में बड़ी गिरावट: एक दिन में चांदी ₹10,566 और सोना ₹2,522 सस्ता, निवेशकों और खरीदारों के लिए बढ़ा मौका

घरेलू सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोना और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के ताजा आंकड़ों के अनुसार एक ही दिन में चांदी के दाम 10,566 रुपये प्रति किलोग्राम तक टूट गए, जबकि सोने की कीमत में 2,522 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी दर्ज की गई। लगातार गिरते भावों के कारण निवेशकों और आभूषण खरीदारों की नजरें अब बाजार की अगली दिशा पर टिकी हुई हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और आयात शुल्क से जुड़े फैसलों के चलते कीमती धातुओं में अस्थिरता बनी हुई है।

चांदी में एक दिन की बड़ी गिरावट

आईबीजेए के अनुसार मंगलवार को चांदी का भाव 10,566 रुपये गिरकर 2.27 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। सोमवार को चांदी की कीमत 2.37 लाख रुपये प्रति किलोग्राम थी।

यह गिरावट ऐसे समय आई है जब कुछ महीने पहले ही चांदी ने ऐतिहासिक ऊंचाई को छुआ था। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार मुनाफावसूली और वैश्विक मांग में नरमी के संकेतों ने चांदी पर दबाव बनाया है।

सोने की कीमत भी टूटी

चांदी के साथ-साथ सोने में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोने का भाव 2,522 रुपये घटकर 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। एक दिन पहले यह कीमत लगभग 1.47 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम थी।

हालांकि कीमतों में यह गिरावट आने के बावजूद सोना अभी भी ऐतिहासिक रूप से ऊंचे स्तरों के आसपास कारोबार कर रहा है।

जून महीने में कितना सस्ता हुआ सोना और चांदी?

अगर पूरे जून महीने के आंकड़ों पर नजर डालें तो सोने और चांदी दोनों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है।

1 जून को सोना 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम था।
अब यह घटकर 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया है।
यानी जून में सोना 10,748 रुपये सस्ता हो चुका है।

वहीं चांदी में गिरावट और भी ज्यादा रही है।

1 जून को चांदी का भाव 3.63 लाख रुपये प्रति किलोग्राम था।
अब यह 2.27 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है।
यानी जून महीने में चांदी 36,015 रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो चुकी है।
साल की शुरुआत से अब तक क्या रहा हाल?

साल 2026 में सोना और चांदी दोनों ने रिकॉर्ड ऊंचाइयों और तेज गिरावट का दौर देखा है।

सोना

31 दिसंबर 2025 को सोने का भाव लगभग 1.33 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम था। इसके बाद तेजी का दौर शुरू हुआ और 29 जनवरी 2026 को सोना 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। हालांकि इसके बाद लगातार दबाव देखने को मिला और अब सोना अपने उच्चतम स्तर से करीब 31 हजार रुपये से अधिक नीचे आ चुका है।

चांदी

चांदी ने भी जनवरी में नया रिकॉर्ड बनाया था। 31 दिसंबर 2025 को इसकी कीमत 2.30 लाख रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो 29 जनवरी को बढ़कर 3.86 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी। इसके बाद बाजार में भारी गिरावट आई और अब चांदी अपने रिकॉर्ड स्तर से लगभग 1.59 लाख रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हो चुकी है।

आयात शुल्क बढ़ने का असर

केंद्र सरकार ने हाल ही में सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली कुल प्रभावी ड्यूटी 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी है। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य विदेशी खरीद को नियंत्रित करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ने वाले दबाव को कम करना है।

नई व्यवस्था के तहत—

10 प्रतिशत बेसिक कस्टम ड्यूटी
5 प्रतिशत एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC)

लागू किया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आयात शुल्क बढ़ने से भविष्य में घरेलू बाजार में कीमतों पर असर पड़ सकता है, हालांकि फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार की कमजोरी अधिक प्रभावी दिखाई दे रही है।

अलग-अलग शहरों में अलग क्यों होते हैं दाम?

अक्सर ग्राहकों के मन में सवाल रहता है कि एक ही दिन अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग क्यों होते हैं। इसके पीछे कई कारण हैं—

1. परिवहन और सुरक्षा खर्च

सोने और चांदी को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाने में परिवहन और सुरक्षा पर अतिरिक्त खर्च आता है, जिसका असर अंतिम कीमत पर पड़ता है।

2. स्थानीय मांग और आपूर्ति

जहां मांग ज्यादा होती है, वहां कीमतों में अंतर देखने को मिल सकता है। दक्षिण भारत में सोने की खपत सबसे अधिक मानी जाती है।

3. स्थानीय ज्वेलर्स एसोसिएशन

हर शहर और राज्य के ज्वेलरी संगठन स्थानीय बाजार की स्थिति के अनुसार दरें निर्धारित करते हैं।

4. पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य

ज्वेलर्स ने जिस दर पर सोना खरीदा होता है, उसका असर भी बिक्री मूल्य पर पड़ता है।

सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

विशेषज्ञ ग्राहकों को सोना खरीदते समय कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह देते हैं—

हमेशा बीआईएस हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदें।
खरीदारी से पहले विभिन्न स्रोतों से कीमत की पुष्टि करें।
मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्कों की जानकारी लें।
बिल लेना न भूलें।
असली चांदी की पहचान कैसे करें?

चांदी खरीदते समय उसकी शुद्धता जांचना भी जरूरी है। इसके लिए कुछ सामान्य तरीके अपनाए जा सकते हैं—

चुंबक परीक्षण: असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती।
बर्फ परीक्षण: चांदी पर बर्फ जल्दी पिघलती है।
गंध परीक्षण: असली चांदी में किसी प्रकार की गंध नहीं होती।
कपड़ा परीक्षण: सफेद कपड़े से रगड़ने पर काले निशान दिखाई दे सकते हैं।
भारतीय परिवारों के पास GDP से ज्यादा मूल्य का सोना

हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की कीमत देश की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) से भी अधिक हो गई है। अनुमान है कि भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना मौजूद है, जिसकी कुल कीमत करीब 450 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है। यह देश की लगभग 370 लाख करोड़ रुपये की GDP से भी अधिक है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में सोना केवल निवेश का साधन नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। यही कारण है कि कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद इसकी मांग बनी रहती है।