लखनऊ अग्निकांड के बाद जयपुर में बड़ा एक्शन: 14 कोचिंग और लाइब्रेरी सील, 24 से अधिक संस्थानों को नोटिस; फायर सेफ्टी व्यवस्था की व्यापक जांच

लखनऊ अग्निकांड के बाद जयपुर में बड़ा एक्शन: 14 कोचिंग और लाइब्रेरी सील, 24 से अधिक संस्थानों को नोटिस; फायर सेफ्टी व्यवस्था की व्यापक जांच

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कोचिंग संस्थान में लगी भीषण आग में 15 लोगों की मौत के बाद राजस्थान की राजधानी जयपुर में प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जयपुर नगर निगम, पुलिस प्रशासन और अग्निशमन विभाग ने शहरभर में विशेष निरीक्षण अभियान शुरू किया है। इस कार्रवाई के तहत अब तक 14 कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी को सील किया जा चुका है, जबकि 24 से अधिक संस्थानों को फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन पर नोटिस जारी किए गए हैं।

प्रशासन की यह कार्रवाई उन संस्थानों के खिलाफ की जा रही है, जहां अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था या जहां आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं अधूरी पाई गईं। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी यह अभियान जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

छात्रों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त

जयपुर देश के प्रमुख कोचिंग हब में से एक माना जाता है, जहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए हजारों छात्र देश के विभिन्न राज्यों से आते हैं। ऐसे में किसी भी दुर्घटना की स्थिति में बड़े नुकसान की आशंका रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरी और शैक्षणिक भवनों में सुरक्षा इंतजामों की गहन जांच शुरू की है।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने फायर फाइटिंग सिस्टम, अग्निशमन यंत्रों की वैधता, आपातकालीन निकास द्वार, भवन की संरचना और फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) की स्थिति की जांच की।

इन संस्थानों पर हुई कार्रवाई

नगर निगम की टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए कई कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी को सील कर दिया। इनमें कार्तिक कॉम्पिटिशन एकेडमी, अरावली क्लासेस, मैड गुरु, राजस्थान जेट क्लासेस, विजीपी क्लासेस, जेजे क्लासेस, एएसपी क्लासेस, क्लास 24, करियर विल ऑफलाइन, इंटरनेशनल क्लासेस, गुरुकुल लाइब्रेरी, डीएन क्लासेस, मां सरस्वती लाइब्रेरी, डीएन लाइब्रेरी और कार्तिक लाइब्रेरी जैसे संस्थान शामिल हैं।

गोपालपुरा बाइपास, रिद्धि-सिद्धि चौराहा, त्रिवेणी चौराहा और रामगढ़ मोड़ सहित शहर के कई इलाकों में एक साथ निरीक्षण अभियान चलाया गया।

कई संस्थानों में नहीं मिला इमरजेंसी एग्जिट

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार कई संस्थानों में फायर फाइटिंग सिस्टम या तो उपलब्ध नहीं था या वह कार्यशील स्थिति में नहीं मिला। कुछ भवनों में आपातकालीन निकास मार्ग की व्यवस्था भी नहीं थी। कई जगह अग्निशमन उपकरणों की वैधता अवधि समाप्त हो चुकी थी, जबकि कुछ संस्थान बिना वैध फायर एनओसी के संचालित पाए गए।

विशेष रूप से बेसमेंट में संचालित हो रहे कुछ कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन करते हुए मिले, जिसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।

दो वर्ष पहले समाप्त हो चुकी थी फायर एनओसी

नगर निगम के मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र मीणा के अनुसार कई संस्थानों की फायर एनओसी दो वर्ष पहले ही समाप्त हो चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद वे संचालन जारी रखे हुए थे। उन्होंने बताया कि नगर निगम हेरिटेज क्षेत्र में 4 जून से अब तक लगभग 600 इकाइयों को फायर एनओसी संबंधी नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जिनमें करीब 150 कोचिंग संस्थान और लाइब्रेरी शामिल हैं।

अधिकारियों का कहना है कि जिन संस्थानों ने नियमों की अनदेखी की है, उनके खिलाफ चरणबद्ध कार्रवाई जारी रहेगी।

दृष्टि कोचिंग और अन्य संस्थानों को चेतावनी

निरीक्षण के दौरान कुछ बड़े संस्थानों को तत्काल सील नहीं किया गया, लेकिन उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर सुरक्षा व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। गोपालपुरा बाइपास स्थित दृष्टि कोचिंग सेंटर को तीन दिन के भीतर फायर सेफ्टी सिस्टम व्यवस्थित करने और छात्रों को आपातकालीन निकास मार्गों की जानकारी उपलब्ध कराने का नोटिस दिया गया है।

इसी तरह मदर्स एजुकेशन हब सहित कई संस्थानों को सुरक्षा कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।

35 से अधिक संस्थानों का हो चुका है निरीक्षण

नगर निगम और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम अब तक 35 से अधिक कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण कर चुकी है। अधिकारियों ने बताया कि यह केवल शुरुआती चरण है और आने वाले दिनों में शहर के अन्य शैक्षणिक संस्थानों, हॉस्टलों और भीड़भाड़ वाले भवनों की भी जांच की जाएगी।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

प्रशासन का कहना है कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं है बल्कि छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है। भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोकने के लिए सभी संस्थानों को निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।

लखनऊ अग्निकांड के बाद जयपुर में शुरू हुई इस सख्त कार्रवाई ने कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि यदि किसी संस्थान में छात्रों की सुरक्षा से समझौता किया गया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।