प्रयागराज के 80 पुराने वार्डों में बिछेगी 120 किमी नई सीवर लाइन, सड़कों पर बहते गंदे पानी और दुर्गंध से मिलेगी राहत

प्रयागराज के 80 पुराने वार्डों में बिछेगी 120 किमी नई सीवर लाइन, सड़कों पर बहते गंदे पानी और दुर्गंध से मिलेगी राहत

स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और महाकुंभ 2025 की तैयारियों के तहत करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद प्रयागराज के कई पुराने मोहल्ले आज भी बुनियादी सीवर व्यवस्था से वंचित हैं। इसका नतीजा यह है कि हजारों घरों का दूषित पानी सीधे सड़कों और नालियों में बह रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को बदबू, जलभराव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अब नगर निगम और जल निगम ने इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए शहर के 80 पुराने वार्डों में 100 से 120 किलोमीटर नई सीवर लाइन बिछाने की योजना तैयार की है।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार अगले दो से तीन महीनों के भीतर परियोजना पर काम शुरू हो सकता है। इसके लिए सबसे पहले विस्तृत सर्वे कराया जाएगा, जिसके आधार पर उन इलाकों की पहचान की जाएगी जहां अभी तक सीवर नेटवर्क नहीं पहुंच पाया है या जहां हजारों मकान सीवर कनेक्शन से नहीं जुड़े हैं।

वर्षों पुरानी समस्या से जूझ रहे हैं लोग

प्रयागराज शहर में पिछले वर्षों में लगभग 1400 किलोमीटर से अधिक सीवर नेटवर्क विकसित किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद कई पुराने मोहल्लों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सीवर लाइन का विस्तार नहीं हो पाया। कई जगह मुख्य सीवर लाइन तो मौजूद है, लेकिन घरों को उससे जोड़ने वाले कनेक्शन नहीं दिए गए हैं।

नतीजतन घरों से निकलने वाला गंदा पानी नालियों और सड़कों पर बहता रहता है। बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है, जब दूषित पानी सड़कों पर जमा होकर लोगों के लिए परेशानी का कारण बनता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई इलाकों में दुर्गंध के कारण राहगीरों को नाक ढंककर गुजरना पड़ता है।

इन प्रमुख क्षेत्रों को मिलेगा लाभ

नई योजना के तहत राजापुर, सोहबतियाबाग, तुलारामबाग, अल्लापुर, दारागंज, तेलियरगंज, करेली, शिवकुटी, सलोरी, सर्वोदय नगर, हटिया, मालवीय नगर, नेवादा, चक निरातुल, हरवारा, सादियाबाद, नैनी, म्योराबाद, सिविल लाइंस, फाफामऊ, मंडेरा और आजाद स्क्वायर सहित कई क्षेत्रों में सीवर नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा।

इन क्षेत्रों के हजारों घरों में अभी तक सीवर कनेक्शन नहीं है, जिसके कारण घरेलू अपशिष्ट जल सीधे सार्वजनिक स्थानों पर बहता है। नई योजना लागू होने के बाद इन घरों को सीवर नेटवर्क से जोड़ा जाएगा और गंदे पानी का वैज्ञानिक निस्तारण संभव हो सकेगा।

सर्वे के साथ ही शुरू होगी कनेक्शन प्रक्रिया

जल निगम द्वारा कराए जाने वाले सर्वे में केवल नई सीवर लाइन की जरूरत वाले क्षेत्रों की पहचान ही नहीं की जाएगी, बल्कि उन मकानों का भी आंकलन किया जाएगा जिन्हें तत्काल सीवर कनेक्शन देने की आवश्यकता है।

अधिकारियों के अनुसार सीवर लाइन बिछाने के दौरान ही भवन स्वामियों को कनेक्शन उपलब्ध कराने की योजना है ताकि परियोजना पूरी होने के बाद लोगों को अलग से वर्षों इंतजार न करना पड़े।

सीवर टैक्स वसूली पर भी उठते रहे हैं सवाल

शहर के कई क्षेत्रों में लंबे समय से यह शिकायत सामने आती रही है कि जहां सीवर लाइन की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां भी जलकल विभाग सीवर टैक्स वसूल रहा है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने कई बार इस मुद्दे को उठाया है।

नई परियोजना के लागू होने के बाद उन क्षेत्रों में भी सीवर सुविधा उपलब्ध हो सकेगी जहां वर्षों से कर तो लिया जा रहा था लेकिन बुनियादी सुविधा नहीं पहुंची थी। इससे नागरिकों की एक बड़ी शिकायत भी दूर होने की उम्मीद है।

महाकुंभ के बाद अब स्थायी इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस

विशेषज्ञों का मानना है कि महाकुंभ 2025 के दौरान प्रयागराज में बड़े पैमाने पर आधारभूत ढांचे का विकास हुआ, लेकिन अब जरूरत उन पुराने मोहल्लों पर ध्यान देने की है जो लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी झेल रहे हैं।

नई सीवर परियोजना न केवल स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करेगी बल्कि जलजनित बीमारियों के खतरे को भी कम करेगी। इसके अलावा सड़कों पर बहने वाले गंदे पानी से होने वाले प्रदूषण और पर्यावरणीय नुकसान पर भी अंकुश लगेगा।

नगर आयुक्त ने दिए सर्वे के निर्देश

नगर आयुक्त साईं तेजा ने कहा कि शहर के उन सभी क्षेत्रों में सीवर लाइन बिछाई जाएगी जहां अभी तक यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। उन्होंने जल निगम के अधिकारियों को जल्द से जल्द सर्वे शुरू करने के निर्देश दिए हैं। सर्वे पूरा होने के बाद परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी और चरणबद्ध तरीके से निर्माण कार्य शुरू होगा।

उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य शहर के प्रत्येक घर तक बेहतर सीवर सुविधा पहुंचाना है ताकि स्वच्छ और व्यवस्थित शहरी वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

हजारों परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ

परियोजना पूरी होने के बाद हजारों परिवारों को सीवर कनेक्शन मिलेगा। इससे सड़कों पर बहने वाले गंदे पानी, बदबू और जलभराव की समस्या में बड़ी कमी आने की उम्मीद है। साथ ही शहर की स्वच्छता रैंकिंग, सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।

विशेषज्ञों के अनुसार 100 से 120 किलोमीटर नई सीवर लाइन का विस्तार प्रयागराज की शहरी आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है और इससे शहर के पुराने वार्डों में रहने वाले लाखों लोगों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।