अमरनाथ यात्रा 2026: सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर, NSG कमांडो ने भगवती नगर और तवी किनारों पर किया व्यापक मॉक ड्रिल

अमरनाथ यात्रा 2026: सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर, NSG कमांडो ने भगवती नगर और तवी किनारों पर किया व्यापक मॉक ड्रिल

 आगामी अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। 3 जुलाई से शुरू होने वाली पवित्र यात्रा से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू स्थित भगवती नगर आधार शिविर (यात्री निवास) और तवी नदी के आसपास व्यापक सुरक्षा अभ्यास किया। इस दौरान नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) के कमांडो, जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG), क्विक रिएक्शन टीमों (QRTs) और अन्य सुरक्षा बलों ने संभावित आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखा।

यात्रा को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू कर रही हैं। यही कारण है कि यात्रा शुरू होने से पहले संवेदनशील स्थानों पर लगातार मॉक ड्रिल और सुरक्षा समीक्षा की जा रही है।

भगवती नगर यात्री निवास में सुरक्षा का परीक्षण

मंगलवार को एनएसजी कमांडो विशेष सुरक्षा अभ्यास के तहत भगवती नगर स्थित यात्री निवास पहुंचे। लगभग एक घंटे तक चले इस मॉक ड्रिल के दौरान कमांडो ने परिसर के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया और संभावित सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की रणनीति का अभ्यास किया।

सुरक्षा टीमों ने यात्री निवास के कमरों, प्रवेश और निकास मार्गों, पार्किंग क्षेत्रों तथा आसपास के इलाकों की गहन जांच की। इसके अलावा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की भी समीक्षा की गई।

तवी नदी के किनारों पर भी चला तलाशी अभियान

सुरक्षा एजेंसियों ने केवल यात्री निवास तक ही अपनी गतिविधियां सीमित नहीं रखीं, बल्कि तवी नदी के किनारे स्थित क्षेत्रों और तवी रिवर फ्रंट पर भी विशेष जांच अभियान चलाया। अधिकारियों का मानना है कि यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए आसपास के सभी क्षेत्रों को पहले से सुरक्षित और सैनिटाइज करना आवश्यक है।

एनएसजी और एसओजी की संयुक्त टीमों ने नदी किनारे के संवेदनशील इलाकों की तलाशी ली और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की संभावना को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था का आकलन किया।

हाईवे और यात्रा मार्गों पर भी विशेष निगरानी

अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालु जम्मू से कश्मीर घाटी तक सड़क मार्ग से यात्रा करते हैं। इसे देखते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), भारतीय सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग और यात्रा मार्गों पर भी संयुक्त सुरक्षा अभ्यास किए हैं।

विशेष रूप से सांबा, उधमपुर, रामबन, बनिहाल और अनंतनाग जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। हाईवे पर तैनात सुरक्षा बलों को किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

30 जून से खुलेगा यात्री निवास

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार भगवती नगर स्थित यात्री निवास में मरम्मत, रंग-रोगन, बिजली फिटिंग और अन्य आवश्यक कार्य लगभग पूरे हो चुके हैं। प्रशासन ने 25 जून तक परिसर को पर्यटन विभाग के सुपुर्द करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

इसके बाद श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन, चिकित्सा सहायता और अन्य सुविधाओं की अंतिम तैयारियां पूरी की जाएंगी। यात्री निवास को 30 जून से श्रद्धालुओं के लिए खोलने की योजना है।

2500 श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था

इस वर्ष भगवती नगर आधार शिविर में लगभग 2500 श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की गई है। यहां यात्रियों के लिए आवास, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा व्यवस्था और पंजीकरण से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

तवी रिवर फ्रंट क्षेत्र में भी यात्रियों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं ताकि यात्रा शुरू होने से पहले सभी इंतजाम पूरी तरह तैयार रहें।

LG मनोज सिन्हा दिखाएंगे पहली जत्थे को हरी झंडी

परंपरा के अनुसार जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल Manoj Sinha भगवती नगर आधार शिविर से अमरनाथ यात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसके बाद श्रद्धालुओं का काफिला सुरक्षा घेरे में बालटाल और पहलगाम मार्गों की ओर प्रस्थान करेगा।

सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

हाल के वर्षों में यात्रा मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत किया गया है। इस बार भी यात्रा के दौरान ड्रोन निगरानी, सीसीटीवी नेटवर्क, क्विक रिएक्शन टीमों, बम निरोधक दस्तों और आधुनिक संचार प्रणालियों का व्यापक उपयोग किया जाएगा।

सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि यात्रा में शामिल होने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं।

श्रद्धालुओं से अपील

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से केवल अधिकृत माध्यमों से पंजीकरण कराने, सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और यात्रा के दौरान जारी किए जाने वाले मौसम एवं स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों पर ध्यान देने की अपील की है।

3 जुलाई से शुरू होने वाली यह वार्षिक यात्रा देश की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं में से एक मानी जाती है, जिसमें हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पवित्र अमरनाथ गुफा में हिम शिवलिंग के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।