ट्रंप के सीजफायर दावे के बीच लेबनान में इजरायली हमले, 5 की मौत; युद्धविराम पर फिर उठे सवाल

ट्रंप के सीजफायर दावे के बीच लेबनान में इजरायली हमले, 5 की मौत; युद्धविराम पर फिर उठे सवाल

पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव गहराता नजर आ रहा है। एक तरफ अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सीजफायर (युद्धविराम) को लेकर किए जा रहे दावों के बीच, दूसरी तरफ लेबनान में इजरायली हमलों की खबरों ने हालात को और गंभीर बना दिया है।

ताजा घटनाक्रम में दक्षिणी लेबनान में हुए हवाई हमलों में कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई स्थानों पर भारी बमबारी और ड्रोन हमलों की भी सूचना मिली है।

दक्षिणी लेबनान में एक बार फिर हवाई हमले

यह घटनाएं ऐसे समय में हुई हैं जब एक दिन पहले ही इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच नए युद्धविराम की घोषणा की गई थी। इसके बावजूद, दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में धमाकों की आवाजें सुनाई दीं और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।

लेबनान की आधिकारिक राष्ट्रीय समाचार एजेंसी (NNA) के अनुसार, नबातियेह क्षेत्र और आसपास के एक दर्जन से अधिक स्थानों पर इजरायली हवाई हमले किए गए।

अलग-अलग हमलों में गईं जानें

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलों में अलग-अलग स्थानों पर लोगों की मौत हुई अरब सलीम शहर में 3 लोगों की मौत दीर जहरानी में 1 व्यक्ति की मौत ड्वेर शहर के पास मोटरसाइकिल पर ड्रोन हमला, जिसमें 1 व्यक्ति की मौत इन घटनाओं ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है।

युद्धविराम के बाद भी हिंसा जारी

यह घटनाक्रम इसलिए भी अहम है क्योंकि हाल ही में इजरायल और ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम की घोषणा की गई थी। उम्मीद जताई जा रही थी कि इससे सीमा पर जारी संघर्ष थम जाएगा, लेकिन ताजा हमलों ने इन उम्मीदों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इजरायली कार्रवाई पर सवाल

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में तोपखाने और ड्रोन के जरिए भी कार्रवाई की। नबातियेह और उसके आसपास के क्षेत्रों में भारी गोलाबारी की भी सूचना मिली है।

हालांकि, अब तक इजरायली सेना की ओर से इन ताजा हमलों पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

पहले भी हुई थी भारी तबाही

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इससे एक दिन पहले हुए हमलों में करीब 47 लोगों की मौत हुई थी। यह संख्या हाल के हफ्तों में सबसे अधिक मानी जा रही है।विशेषज्ञों का मानना है कि यह हिंसा ऐसे समय में बढ़ रही है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय चिंताएं बढ़ीं

मध्य पूर्व में लगातार बदलते हालात और बार-बार टूटते युद्धविराम ने वैश्विक समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।