पीथमपुर : पाइप फैक्ट्री में लगी भीषण आग, दूर-दूर तक धुआं और लपटें दिखीं, इंडस्ट्रियल एरिया स्थित सिग्नेट पाइप कंपनी की घटना
पीथमपुर के सिग्नेट पाइप फैक्ट्री में शुक्रवार तड़के भीषण आग लगी, जिससे लपटें और धुआं दूर तक दिखाई दिया। दमकल विभाग ने त्वरित कार्रवाई कर आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन प्लास्टिक सामग्री ने आग को और भड़काया। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, पर करोड़ों का नुकसान होने की आशंका है।
मध्य प्रदेश: शुक्रवार, 11 अप्रैल 2025 की तड़के पीथमपुर इंडस्ट्रियल एरिया के सेक्टर-3 में स्थित सिग्नेट पाइप कंपनी में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी विकराल थी कि लपटें और धुआं कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था। स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की, लेकिन प्लास्टिक पाइपों और कच्चे माल की भारी मात्रा के कारण आग ने भयावह रूप ले लिया।
जानकारी के अनुसार, आग शुक्रवार तड़के करीब 2:30 बजे लगी। उस समय फैक्ट्री में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, क्योंकि कर्मचारियों की शिफ्ट सुबह 8 बजे से शुरू होती है। यह एक बड़ी राहत की बात रही, जिसके कारण किसी भी तरह की जनहानि की खबर नहीं है। हालांकि, आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पास की एक अन्य कंपनी को भी अपनी चपेट में ले लिया। फैक्ट्री में रखे प्लास्टिक पाइप और अन्य ज्वलनशील सामग्री ने आग को और भड़काने का काम किया।
दमकल विभाग का त्वरित एक्शन
आग की सूचना मिलते ही पीथमपुर, धार, और इंदौर से दमकल की कुल 12 गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं। इंदौर एयरपोर्ट से विशेष फायर फाइटिंग यूनिट को भी बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए कई घंटों तक कड़ी मशक्कत की। जेसीबी मशीनों की मदद से कच्चे माल को हटाया गया, और रेत से भरे ट्रकों का उपयोग भी आग को नियंत्रित करने में किया गया। इसके बावजूद, आग की तीव्रता के कारण इसे पूरी तरह बुझाने में समय लग रहा है।
नुकसान का अनुमान
प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस आगजनी से सिग्नेट पाइप कंपनी को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। एक क्रेन के जलकर खाक होने की भी खबर है। हालांकि, कंपनी प्रबंधन ने अभी तक नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है। आग लगने का सटीक कारण भी अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है, और इसकी जांच के लिए प्रशासन ने एक विशेष टीम गठित की है।
प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी
घटनास्थल पर पीथमपुर एसडीएम प्रमोद सिंह गुर्जर, तहसीलदार, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, और तीन थानों की पुलिस मौजूद रही। एसडीआरएफ की टीम ने भी बचाव कार्यों में सहयोग किया। पुलिस ने आसपास के इलाकों को खाली कराकर सुरक्षा सुनिश्चित की। थाना प्रभारी राजेंद्र सोनी ने बताया कि आग को नियंत्रित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रशासन ने इस घटना की गहन जांच के आदेश दिए हैं। आग लगने के कारणों का पता लगाने के साथ-साथ यह भी जांच की जाएगी कि क्या फैक्ट्री में अग्निशमन उपकरण और सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था। फिलहाल, दमकल विभाग और प्रशासन आग को पूरी तरह बुझाने और स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा है।
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