कोंडागांव-नारायणपुर जंगल में मुठभेड़: 13 लाख के इनामी दो नक्सली ढेर, एके-47 सहित हथियार बरामद

कोंडागांव-नारायणपुर सीमा पर मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने 13 लाख रुपये के इनामी दो माओवादियों को मार गिराया। मारे गए नक्सलियों के पास से एके-47, हथियार, विस्फोटक और माओवादी दस्तावेज बरामद हुए। क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन जारी है ताकि अन्य नक्सलियों या विस्फोटकों का पता लगाया जा सके।

कोंडागांव-नारायणपुर जंगल में मुठभेड़: 13 लाख के इनामी दो नक्सली ढेर, एके-47 सहित हथियार बरामद

छत्तीसगढ़, 16 अप्रैल 2025: छत्तीसगढ़ के कोंडागांव और नारायणपुर जिले की सीमा पर मंगलवार शाम सुरक्षा बलों को माओवाद विरोधी अभियान में बड़ी कामयाबी मिली। किलम-बरगुम मरकाम पाल के घने जंगलों में डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम ने माओवादियों के साथ मुठभेड़ में दो प्रमुख नक्सलियों को मार गिराया।

मारे गए नक्सलियों की पहचान पूर्वी बस्तर डिवीजन के डिवीजनल कमांडर हलदर और एरिया कमांडर रामे के रूप में हुई है। इन दोनों पर कुल 13 लाख रुपये का इनाम था, जिसमें हलदर पर 8 लाख और रामे पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था। यह मुठभेड़ माओवादी गतिविधियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की प्रभावी कार्रवाई का परिणाम मानी जा रही है।

मौके से हथियार और दस्तावेज जब्त

मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों ने घटनास्थल से एक एके-47 राइफल, अन्य घातक हथियार, विस्फोटक सामग्री और माओवादी साहित्य बरामद किया। अधिकारियों का मानना है कि बरामद दस्तावेजों से माओवादियों के नेटवर्क, उनकी योजनाओं और भविष्य की गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।

खुफिया सूचना पर शुरू हुआ था अभियान

पुलिस को मिली खुफिया जानकारी के आधार पर 15 अप्रैल को सुरक्षा बलों ने कोंडागांव-नारायणपुर सीमा पर जंगलों में तलाशी अभियान शुरू किया था। इस दौरान मंगलवार शाम को माओवादियों के साथ मुठभेड़ हो गई। सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई और रणनीति के चलते माओवादियों को भागने का मौका नहीं मिला।

सर्च ऑपरेशन जारी, इलाका खंगाला जा रहा

मुठभेड़ के बाद भी क्षेत्र में सुरक्षा बलों का तलाशी अभियान जारी है। जंगल के हर हिस्से को खंगाला जा रहा है ताकि किसी अन्य नक्सली की मौजूदगी या छिपाए गए विस्फोटकों का पता लगाया जा सके। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभियान के पूर्ण होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।

माओवाद के खिलाफ कड़ा रुख

यह मुठभेड़ छत्तीसगढ़ में माओवादी गतिविधियों को कुचलने के लिए सुरक्षा बलों की मजबूत रणनीति और सख्ती को दर्शाती है। हाल के महीनों में बस्तर क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों में तेजी आई है, जिसके चलते माओवादियों को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है।