बस माफियाओं से मुक्ति, उज्जैन-इंदौर में नई परिवहन व्यवस्था लागू होगी

बस माफियाओं से मुक्ति, उज्जैन-इंदौर में नई परिवहन व्यवस्था लागू होगी

उज्जैन: 

यात्रियों को अब बस माफियाओं की मनमानी से राहत मिलने वाली है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के मद्देनजर स्थानीय स्तर पर परिवहन बोर्ड गठित करने का निर्णय लिया है. इसमें संभाग आयुक्त, कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त और आरटीओ पदाधिकारी रहेंगे.यही बोर्ड बसों के रूट, किराया, परमिट, फिटनेस और यात्री सुविधाओं से जुड़े निर्णय लेगा.

इस योजना से सरकारी और निजी दोनों बसें संचालित होंगी. खास बात यह है कि बंद हो चुके राज्य परिवहन निगम की बसों को भी पुनः चलाने की प्रक्रिया तेज हो गई है. वहीं, उज्जैन नगर निगम 100 इलेक्ट्रिक बसें शुरू करेगा, जिससे यात्रियों को प्रदूषण मुक्त और आरामदायक सफर मिल सकेगा.इंदौर-उज्जैन के बीच लोक परिवहन सेवा के लिए मार्ग सर्वे लगभग पूरा हो चुका है.

आठ परिवहन कंपनियों के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है और जल्द ही अनुबंधित बसें सड़कों पर दौड़ने लगेंगी.जिला स्तर पर समितियां भी बनाई जाएंगी. संचालन व्यवस्था, स्टॉपेज, आईटी प्लेटफार्म, बस स्टॉप और चार्जिंग स्टेशन विकसित करना बोर्ड की प्रमुख चुनौतियां होंगी. यह पहल उज्जैन-इंदौर की यात्रा को आधुनिक व सुगम बनाएगी.