महाकालेश्वर से ओंकारेश्वर तक बनेगा आस्था का महापथ MP में विकसित हो सकता है सबसे बड़ा धार्मिक सर्किट

महाकालेश्वर से ओंकारेश्वर तक बनेगा आस्था का महापथ MP में विकसित हो सकता है सबसे बड़ा धार्मिक सर्किट

मध्य प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई देने की तै गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संकेतों के बाद मालवा-निमाड़ क्षेत्र में एक विशाल धार्मिक सर्किट विकसित किए जाने की संभावना तेज हो गई है, जो राज्य का सबसे बड़ा तीर्थ मार्ग बन सकता है।

एक ही मार्ग पर कई पवित्र तीर्थ

प्रस्तावित योजना के तहत उज्जैन के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग से लेकर खंडवा के ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग तक प्रमुख धार्मिक स्थलों को एक ही पर्यटन और आस्था मार्ग से जोड़ा जाएगा।

इस सर्किट में हरसिद्धि शक्तिपीठ, गढ़कालिका मंदिर और आगर-मालवा के नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी धाम जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों को भी शामिल किए जाने की चर्चा है।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

इस योजना का उद्देश्य न केवल धार्मिक आस्था को एकीकृत यात्रा मार्ग देना है, बल्कि राज्य में धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना भी है।

पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार, यह सर्किट बन जाने के बाद देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को एक ही यात्रा में कई प्रमुख तीर्थों के दर्शन का अवसर मिलेगा।

सरकारी स्तर पर शुरुआती चर्चा

पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने इस प्रस्ताव पर प्रारंभिक विचार-विमर्श शुरू कर दिया है। हालांकि अभी तक इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया है, लेकिन संकेत हैं कि आने वाले समय में इस दिशा में औपचारिक योजना बनाई जा सकती है।

आस्था और विकास का संगम

यदि यह परियोजना धरातल पर उतरती है, तो यह मध्य प्रदेश के लिए एक बड़ा धार्मिक और आर्थिक परिवर्तन साबित हो सकती है। विशेषज्ञ इसे “आस्था आधारित विकास मॉडल” के रूप में देख रहे हैं।