हरिद्वार किसान महाकुंभ: क्या है यह आयोजन, टिकैत ने भूमि अधिग्रहण पर सरकार को घेरा; हजारों किसानों की भागीदारी

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हरिद्वार किसान महाकुंभ: क्या है यह आयोजन, टिकैत ने भूमि अधिग्रहण पर सरकार को घेरा; हजारों किसानों की भागीदारी

हरिद्वार (उत्तराखंड): उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित वीआईपी घाट पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) का चार दिवसीय किसान महाकुंभ चल रहा है। इस आयोजन में देशभर से हजारों किसान शामिल हुए हैं। मंच से किसानों की समस्याओं पर चर्चा की जा रही है और सरकार को मांगों का ज्ञापन सौंपने की तैयारी है।

क्या है किसान महाकुंभ?

किसान महाकुंभ भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) द्वारा आयोजित एक बड़ा किसान सम्मेलन है, जिसमें देश के अलग-अलग राज्यों से किसान, किसान संगठन और कृषि विशेषज्ञ एकत्र होते हैं। इसका उद्देश्य किसानों की समस्याओं जैसे एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य), भूमि अधिग्रहण, कृषि ऋण, बिजली दरें और फसल का उचित मूल्य जैसे मुद्दों पर सामूहिक चर्चा करना होता है।

यह आयोजन किसी एक दिन का नहीं होता, बल्कि आमतौर पर तीन से चार दिन तक चलने वाला राष्ट्रीय स्तर का किसान सम्मेलन होता है। इसमें प्रस्ताव पारित किए जाते हैं और सरकार को ज्ञापन भेजे जाते हैं।

इतिहास और पृष्ठभूमि

बीकेयू की स्थापना 1980 के दशक में किसान नेता चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत ने की थी। इसी संगठन ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बड़े किसान आंदोलनों को दिशा दी। हरिद्वार में किसान महाकुंभ की परंपरा भी इसी संगठन की गतिविधियों का हिस्सा रही है, जहां पहले भी लाखों किसान जुट चुके हैं।

समय के साथ किसान आंदोलन अलग-अलग संगठनों में बंट गए, लेकिन बीकेयू (टिकैत) अब भी बड़े किसान मंचों का आयोजन करता है, जिसे “महापंचायत” या “महाकुंभ” के रूप में भी जाना जाता है।

इस बार कितने किसान शामिल हुए?

आयोजन स्थल वीआईपी घाट पर बड़ी संख्या में किसानों की मौजूदगी देखी जा रही है। आयोजकों के अनुसार, इसमें देश के कई राज्यों से हजारों किसान शामिल हुए हैं। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर सटीक संख्या जारी नहीं की गई है।

पूरे क्षेत्र में अस्थायी शिविर, टेंट कॉलोनी और लंगर की व्यवस्था की गई है। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और बसों के माध्यम से किसान हरिद्वार पहुंचे हैं।

राकेश टिकैत का बड़ा बयान

किसान महाकुंभ में बीकेयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने भूमि अधिग्रहण को सबसे बड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की जमीनें कम कीमत पर ली जा रही हैं और कई जगहों पर जबरन अधिग्रहण की शिकायतें सामने आ रही हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा और एमएसपी जैसे मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं।

किसानों के प्रमुख मुद्दे

इस चार दिवसीय महाकुंभ में निम्न प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हो रही है—

भूमि अधिग्रहण नीति
न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी
किसान ऋण और कर्ज माफी
बिजली दरें और स्मार्ट मीटर
फसल का उचित मूल्य
कृषि उत्पादों के बाजार में पारदर्शिता
सरकार को भेजा जाएगा ज्ञापन

किसान संगठनों की ओर से बताया गया है कि आयोजन के बाद सरकार को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें किसानों की मांगों को शामिल किया जाएगा।

प्रशासनिक व्यवस्था और माहौल

हरिद्वार के वीआईपी घाट क्षेत्र में भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए हैं। कई जगहों पर ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस तैनात की गई है।