भोजपुर में भूमि सर्वेक्षण ने पकड़ी रफ्तार 1159 में से 701 गांवों का सीमांकन पूरा, किसानों से खेत पर मौजूद रहने की अपील
बिहार के भोजपुर जिले में चल रहे विशेष भूमि सर्वेक्षण अभियान ने अब तेज गति पकड़ ली है। जिला प्रशासन के अनुसार 1159 राजस्व गांवों में से 701 गांवों का ग्राम सीमा सत्यापन (सीमांकन) पूरा कर लिया गया है, जो कुल लक्ष्य का 60 प्रतिशत से अधिक है। प्रशासन का लक्ष्य इसी महीने के भीतर शेष गांवों में भी सीमांकन की प्रक्रिया पूरी करने का है, ताकि भूमि रिकॉर्ड को अधिक पारदर्शी और विवाद-मुक्त बनाया जा सके।
तेजी से आगे बढ़ रहा है ग्राम सीमा सत्यापन अभियान
भूमि सर्वेक्षण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जिले में ग्राम सीमा सत्यापन का कार्य लगातार युद्धस्तर पर चल रहा है। अब तक 701 गांवों का सीमांकन पूरा होने के बाद प्रशासन ने बाकी क्षेत्रों में भी कार्य की रफ्तार बढ़ा दी है। इससे भविष्य में जमीन से जुड़े विवादों को कम करने और राजस्व अभिलेखों को सटीक बनाने में मदद मिलेगी।
चरपोखरी और गड़हनी प्रखंड में पूरा हुआ काम
जिला सर्वेक्षण विभाग के अनुसार चरपोखरी और गड़हनी प्रखंडों में ग्राम सीमा सत्यापन का कार्य पूरी तरह संपन्न हो चुका है। अब अन्य प्रखंडों में भी सर्वेक्षण टीमों को तेजी से काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों से की गई खास अपील
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि जब उनके गांव या खेत में सर्वेक्षण टीम पहुंचे, तब वे अपनी भूमि पर स्वयं उपस्थित रहें। इससे खेत की सही पहचान, सीमांकन और रिकॉर्ड तैयार करने में आसानी होगी तथा भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद की संभावना कम रहेगी।
भूमि विवादों के समाधान में मिलेगी मदद
विशेष भूमि सर्वेक्षण अभियान का उद्देश्य राजस्व रिकॉर्ड को आधुनिक बनाना, वास्तविक सीमाओं का निर्धारण करना और वर्षों से लंबित भूमि विवादों को कम करना है। अधिकारियों का मानना है कि सर्वेक्षण पूरा होने के बाद किसानों को जमीन से जुड़े दस्तावेजों में अधिक पारदर्शिता और सुविधा मिलेगी।
इसी महीने पूरा करने का लक्ष्य
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शेष 458 गांवों का सीमांकन कार्य भी इसी माह पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सर्वेक्षण टीमों की संख्या बढ़ाई गई है और संबंधित अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं।
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