भोपाल में पत्रकार से चाकू की नोक पर लूट: लिफ्ट मांगने के बहाने रोका, बंधक बनाकर ऑनलाइन ट्रांसफर कराए 32 हजार रुपये
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अपराधियों के बढ़ते हौसलों का एक और मामला सामने आया है। निशातपुरा थाना क्षेत्र में देर रात एक मीडिया संस्थान के कर्मचारी के साथ चाकू की नोक पर लूट की वारदात को अंजाम दिया गया। आरोप है कि बदमाशों ने पहले लिफ्ट मांगने का बहाना बनाया, फिर सड़क पर गिराकर पीड़ित को बंधक बना लिया और उसके मोबाइल फोन के जरिए ऑनलाइन 32 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। घटना के बाद राजधानी की कानून-व्यवस्था और रात्रिकालीन सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित अनुज एक समाचार संस्थान में कार्यरत हैं और सोमवार देर रात अपना कार्य समाप्त कर घर लौट रहे थे। रात करीब 12:30 बजे जब वह निशातपुरा थाना क्षेत्र से गुजर रहे थे, तभी एक युवक ने उनसे लिफ्ट मांगी। पीड़ित द्वारा लिफ्ट देने से इनकार करने पर घटनाक्रम अचानक बदल गया।
बताया जा रहा है कि कुछ ही दूरी पर एक अन्य युवक अचानक उनकी बाइक के सामने आ गया, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गया। अनुज के गिरते ही आसपास पहले से मौजूद तीन अन्य बदमाश वहां पहुंच गए और उन्हें घेर लिया। आरोप है कि बदमाशों ने उनकी गर्दन पर चाकू अड़ाकर जान से मारने की धमकी दी और जबरन पास के एक कमरे में ले गए।
कमरे के अंदर बदमाशों ने पीड़ित को बंधक बनाकर उसका मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल करते हुए उसके खाते से लगभग 32 हजार रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। इस दौरान आरोपी लगातार चाकू दिखाकर धमकाते रहे, जिससे पीड़ित विरोध नहीं कर सका।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद किसी तरह पीड़ित ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही निशातपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने पीड़ित के बयान दर्ज करने के साथ-साथ घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। डिजिटल लेनदेन से जुड़े बैंक खातों और तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है ताकि आरोपितों तक पहुंचा जा सके।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब भोपाल में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के दावे किए जाते रहे हैं। इसके बावजूद देर रात सुनसान इलाकों में लूट, चाकूबाजी और अन्य आपराधिक घटनाओं के सामने आने से आम नागरिकों में चिंता बढ़ रही है। विशेष रूप से कामकाजी लोगों और देर रात ड्यूटी से लौटने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के कई हिस्सों में रात के समय पुलिस गश्त पर्याप्त दिखाई नहीं देती, जिसका फायदा अपराधी उठा रहे हैं। लगातार सामने आ रही वारदातों के कारण लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है और रात्रिकालीन गश्त को और प्रभावी बनाने की मांग की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है। उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा।
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