करनाल रहेगा NCR का हिस्सा पुराने वाहनों पर नियम नहीं बदलेंगे, उद्योग और व्यापार जगत में मिली-जुली प्रतिक्रिया

करनाल रहेगा NCR का हिस्सा पुराने वाहनों पर नियम नहीं बदलेंगे, उद्योग और व्यापार जगत में मिली-जुली प्रतिक्रिया

हरियाणा के करनाल को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) से बाहर किए जाने की अटकलों पर आखिरकार विराम लग गया है। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में करनाल समेत उन जिलों को NCR से हटाने का प्रस्ताव खारिज कर दिया गया, जो 100 किलोमीटर की सीमा से बाहर बताए जा रहे थे। इसके साथ ही साफ हो गया कि करनाल का NCR दर्जा बरकरार रहेगा और फिलहाल वाहनों की उम्र, प्रदूषण नियंत्रण और अन्य NCR नियमों में कोई बदलाव नहीं होगा।

पुराने वाहनों और प्रदूषण नियमों में नहीं मिलेगी राहत

कई लोग उम्मीद कर रहे थे कि यदि करनाल NCR से बाहर हो जाता तो 10 और 15 साल पुराने डीजल-पेट्रोल वाहनों पर लागू प्रतिबंधों और प्रदूषण संबंधी सख्त नियमों से राहत मिल सकती थी। लेकिन बोर्ड के फैसले के बाद अब NCR के मौजूदा पर्यावरणीय और प्रदूषण नियंत्रण नियम पहले की तरह लागू रहेंगे।

उद्योग और ट्रांसपोर्ट सेक्टर की मिली-जुली प्रतिक्रिया

इस फैसले के बाद उद्योग, ट्रांसपोर्ट, व्यापार और ईंट-भट्ठा कारोबार से जुड़े लोगों की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग रहीं। कुछ कारोबारी NCR से बाहर होने की उम्मीद लगाए बैठे थे ताकि नियमों में ढील मिल सके, जबकि कई लोगों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि NCR का हिस्सा बने रहने से विकास परियोजनाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर और भविष्य की कनेक्टिविटी योजनाओं को फायदा मिलेगा।

विकास योजनाओं को मिलेगा निरंतर लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि करनाल के NCR में बने रहने से सड़क, परिवहन, औद्योगिक कॉरिडोर और शहरी विकास से जुड़ी योजनाओं को आगे भी केंद्र और राज्य स्तर पर प्राथमिकता मिलती रहेगी। इससे निवेश और रोजगार के अवसरों में भी बढ़ोतरी की संभावना बनी रहेगी।

अटकलों पर लगा विराम

पिछले कुछ समय से करनाल के NCR से बाहर होने की चर्चाएं तेज थीं, लेकिन बोर्ड के ताजा निर्णय ने इन सभी अटकलों को खत्म कर दिया है। अब करनाल पहले की तरह NCR का हिस्सा रहेगा और उससे जुड़े सभी नियम एवं नीतियां यथावत लागू रहेंगी।