इंदौर बना क्वांटम टेक्नोलॉजी का हब, 3 साल में तैयार होंगे क्वांटम कंप्यूटर

इंदौर बना क्वांटम टेक्नोलॉजी का हब, 3 साल में तैयार होंगे क्वांटम कंप्यूटर

इंदौर।
मध्यप्रदेश अब हाईटेक टेक्नोलॉजी की दौड़ में बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। शहर के प्रतिष्ठित श्री गोविंदराम सेकसरिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (SGSITS) में अगले तीन वर्षों के भीतर क्वांटम कंप्यूटर विकसित किए जाएंगे। खास बात यह है कि ये कंप्यूटर रूम टेम्परेचर पर काम करेंगे, जो इसे देश ही नहीं, प्रदेश का भी एकमात्र संस्थान बना देगा।

यह पहल नेशनल क्वांटम मिशन के तहत की जा रही है, जिसमें देशभर से आए 8000 से अधिक आवेदनों में से केवल 23 संस्थानों का चयन हुआ है। इनमें मध्यप्रदेश से SGSITS को चुना गया है। इस परियोजना के लिए डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (DST) द्वारा संस्थान को 1 करोड़ रुपये की फंडिंग दी जाएगी।

क्वांटम कंप्यूटिंग तकनीक दवा अनुसंधान के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। यह सिस्टम अणुओं के व्यवहार का सटीक सिमुलेशन कर सकेगा, जिससे नई दवाओं की खोज में लगने वाला वर्षों का समय घटकर काफी कम हो जाएगा। साथ ही दुर्लभ बीमारियों के इलाज की संभावनाएं भी तेज होंगी। इसके अलावा यह साइबर सिक्योरिटी, इंटरनेट सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट और फ्लाइट शेड्यूल ऑप्टिमाइजेशन में भी अहम भूमिका निभाएगा।

संस्थान में क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्र में शिक्षा और रिसर्च को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। एमटेक के साथ-साथ बीटेक छात्रों के लिए माइनर और ड्यूल डिग्री प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे। छात्रों को लैब में क्वांटम डिवाइस बनाने की ट्रेनिंग, इंटर्नशिप और स्टार्टअप शुरू करने में भी मदद मिलेगी।

यह प्रोजेक्ट न सिर्फ मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए तकनीकी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। आने वाले समय में इंदौर क्वांटम टेक्नोलॉजी का प्रमुख केंद्र बनकर उभर सकता है