बरेली को 'रुद्रावनम' की सौगात देने वाले IAS मनिकंडन अचानक हटाए गए, विकास कार्यों के बीच तबादले से बढ़ी चर्चा
बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) के उपाध्यक्ष पद से आईएएस अधिकारी डॉ. मनिकंडन ए. को अचानक हटाए जाने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। शासन ने उन्हें प्रतीक्षारत करते हुए उनकी जगह वर्ष 2017 बैच की आईएएस अधिकारी सौम्या पांडेय को बीडीए की नई कमान सौंप दी है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब शहर की कई महत्वाकांक्षी विकास परियोजनाएं अंतिम चरण में हैं।
डॉ. मनिकंडन अपने कार्यकाल के दौरान बरेली के शहरी विकास को नई पहचान देने वाले अधिकारियों में गिने जाते रहे। उन्होंने रामायण वाटिका, रुद्रावनम पार्क, रामगंगा नगर आवासीय योजना, ग्रेटर बरेली आवासीय योजना, मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और नाथ कॉरिडोर जैसी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति दी। इनमें से कई योजनाएं अब जमीन पर आकार ले चुकी हैं, जबकि कुछ का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
पिछले वर्ष शहर में हुए सांप्रदायिक दंगों के बाद अवैध निर्माणों के खिलाफ चलाए गए बुलडोजर अभियान ने डॉ. मनिकंडन को प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना दिया था। प्रशासन की ओर से की गई सख्त कार्रवाई को कानून व्यवस्था और अवैध कब्जों के खिलाफ कड़े संदेश के रूप में देखा गया। इसके अलावा अवैध निर्माणों और विकास कार्यों में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ उनकी सख्त कार्यशैली भी लगातार सुर्खियों में रही।
शहर के विस्तार की दिशा में भी उन्होंने कई बड़े कदम उठाए। पीलीभीत बाइपास रोड पर प्रस्तावित महादेवपुरम आवासीय योजना और दिल्ली रोड पर विकसित होने वाली औद्योगिक टाउनशिप के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज कराया। इन परियोजनाओं को बरेली के भविष्य के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए रामायण वाटिका के उद्घाटन और महादेवपुरम आवासीय योजना के शिलान्यास की तैयारियां भी तेजी से चल रही थीं। ऐसे समय में उनका अचानक तबादला कई सवाल खड़े कर रहा है, हालांकि शासन की ओर से इस बदलाव को लेकर कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है।
डॉ. मनिकंडन ने बीडीए में रहते हुए महायोजना-2031 को लागू कराने में भी अहम भूमिका निभाई, जिससे शहर के सुनियोजित विकास को नई दिशा मिली। अब नई उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय के सामने इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने और शहर के विकास की रफ्तार बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
फिलहाल मनिकंडन के तबादले को लेकर शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोग इसे प्रशासनिक फेरबदल का हिस्सा मान रहे हैं, जबकि कई लोग इसे उनके सख्त फैसलों और तेज कार्यशैली से जोड़कर भी देख रहे हैं। हालांकि वास्तविक कारण शासन के आधिकारिक रुख के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
news desk MPcg