वाराणसी पुलिस का 'ऑपरेशन वज्रपात' सफल, 1080 संदिग्ध चिन्हित; गैंग संस्कृति पर बड़ी कार्रवाई
अपराधियों द्वारा सोशल मीडिया के जरिए गैंग संस्कृति को बढ़ावा देने और समाज में दहशत फैलाने की कोशिशों के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस ने बड़ा अभियान छेड़ दिया है। वाराणसी परिक्षेत्र में पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) के निर्देशन में चलाए गए विशेष अभियान "ऑपरेशन वज्रपात" के तहत अपराधियों के डिजिटल और आपराधिक इकोसिस्टम पर एक साथ कार्रवाई करते हुए सैकड़ों संदिग्धों की पहचान की गई और सैकड़ों सोशल मीडिया प्रोफाइल हटवा दिए गए।
पुलिस का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उनके पूरे सामाजिक, आर्थिक और डिजिटल नेटवर्क को कमजोर करना है, ताकि अपराध और गैंग संस्कृति को जड़ से खत्म किया जा सके।
165 गैंग और 1080 सदस्यों की पहचान
अभियान के पहले चरण में वाराणसी परिक्षेत्र के जौनपुर, गाजीपुर और चंदौली जिलों में व्यापक सर्वे और विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान 165 अलग-अलग समूहों से जुड़े 1080 सदस्यों की पहचान की गई, जो सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से स्थानीय स्तर पर आपराधिक प्रभाव स्थापित करने का प्रयास कर रहे थे।
पुलिस ने प्रत्येक चिन्हित व्यक्ति का विस्तृत डोजियर तैयार कर उसके आपराधिक रिकॉर्ड, गैंग से संबंध, सोशल मीडिया गतिविधियों और समाज पर प्रभाव का आकलन किया।
554 सोशल मीडिया प्रोफाइल हटाए गए
ऑपरेशन वज्रपात के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार डिजिटल पेट्रोलिंग और मॉनिटरिंग की गई। ऐसे अकाउंट चिन्हित किए गए जो अपराधियों का महिमामंडन कर रहे थे, अवैध हथियारों का प्रदर्शन कर रहे थे या गैंग गतिविधियों का प्रचार कर लोगों में डर का माहौल बना रहे थे
चरणबद्ध कानूनी कार्रवाई भी शुरू
पुलिस ने चिन्हित अपराधियों के खिलाफ उनकी गतिविधियों के आधार पर ग्रेडेड लीगल एक्शन की रणनीति अपनाई है। इसके तहत चेतावनी, निवारक कार्रवाई, मुकदमा दर्ज करना, हिस्ट्रीशीट खोलना, गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई और जरूरत पड़ने पर गैंगस्टर एक्ट व अवैध संपत्ति जब्ती जैसी कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है।
शिकायत नहीं होने पर भी पुलिस बनेगी वादी
अभियान के दौरान पुलिस ने यह भी तय किया है कि जिन मामलों में पीड़ित डर की वजह से शिकायत दर्ज नहीं करा पा रहे हैं, वहां उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस स्वयं वादी बनकर कानूनी कार्रवाई करेगी, ताकि अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकें।
युवाओं को गैंग संस्कृति से बचाने की पहल
पुलिस अधिकारियों के अनुसार "ऑपरेशन वज्रपात" का उद्देश्य केवल अपराध नियंत्रण नहीं, बल्कि युवाओं को सोशल मीडिया पर फैल रही गैंग संस्कृति और अपराध के महिमामंडन से बचाना भी है। अभियान के तहत चिन्हित अपराधियों की लगातार निगरानी की जा रही है और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा इसकी नियमित समीक्षा भी की जा रही है।
उत्तर प्रदेश पुलिस का कहना है कि यह अभियान स्पष्ट संदेश देता है कि कानून तोड़ने वालों के लिए न वास्तविक दुनिया में कोई सुरक्षित जगह होगी और न ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर।
news desk MPcg