MP Weather Update: तीन हफ्ते बाद मध्य प्रदेश में फिर मेहरबान हुआ मानसून, भोपाल-ग्वालियर-जबलपुर समेत 30 से ज्यादा जिलों में झमाझम बारिश; राजगढ़ में सबसे अधिक 4.1 इंच वर्षा

MP Weather Update: तीन हफ्ते बाद मध्य प्रदेश में फिर मेहरबान हुआ मानसून, भोपाल-ग्वालियर-जबलपुर समेत 30 से ज्यादा जिलों में झमाझम बारिश; राजगढ़ में सबसे अधिक 4.1 इंच वर्षा

करीब दो से तीन सप्ताह के लंबे इंतजार के बाद मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर जोरदार वापसी की है। पिछले 24 घंटों में राजधानी भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, रायसेन, राजगढ़, सागर, उमरिया, नर्मदापुरम, विदिशा, रीवा, सीधी, छतरपुर, देवास, उज्जैन, खंडवा, शिवपुरी, गुना, दमोह, बालाघाट, बैतूल, टीकमगढ़, मंडला समेत प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में हल्की से लेकर तेज बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक वर्षा राजगढ़ जिले में 4.1 इंच रिकॉर्ड की गई।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) और मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से लगातार मिल रही नमी के कारण मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। अगले 24 से 48 घंटे तक प्रदेश के मध्य, पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

तीन हफ्ते बाद बदला मौसम

जुलाई के पहले सप्ताह के बाद प्रदेश में बारिश की गतिविधियां काफी कमजोर पड़ गई थीं। कई जिलों में 10 से 20 दिनों तक पर्याप्त बारिश नहीं हुई, जिससे खरीफ फसलों पर असर पड़ने लगा था। खेतों की मिट्टी सूखने लगी थी और धान, सोयाबीन तथा मक्का जैसी फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई थी।

मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट ली और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश ने किसानों, आम नागरिकों और जलस्रोतों के लिए राहत लेकर आई।

राजगढ़ में सबसे ज्यादा 4.1 इंच बारिश

पिछले 24 घंटे में दर्ज प्रमुख वर्षा आंकड़े इस प्रकार रहे—

राजगढ़ – 4.1 इंच
रायसेन – 2.5 इंच
उमरिया – 2 इंच
नरसिंहपुर – 1.5 इंच
सागर – 1.5 इंच
टीकमगढ़ – 1.1 इंच
मंडला – 1 इंच

इसके अलावा भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, सीहोर, नर्मदापुरम, विदिशा, सतना, रीवा, देवास, उज्जैन, बालाघाट, गुना, शिवपुरी, बैतूल और कई अन्य जिलों में भी अच्छी वर्षा दर्ज की गई।

भोपाल में 13 दिन बाद झमाझम बारिश

राजधानी भोपाल में करीब 13 दिनों के बाद सोमवार देर रात से बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, जो मंगलवार सुबह तक जारी रहा।

लगातार बारिश के कारण—

कई निचले इलाकों में जलभराव हुआ।
प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ।
तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली।

नगर निगम की टीमें जलनिकासी व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं।

रायसेन में झरने फिर बहने लगे

रायसेन जिले में लंबे अंतराल के बाद हुई तेज बारिश के चलते पहाड़ियों से झरने बहने लगे।

धान के खेत पानी से भर गए।
कई ग्रामीण मार्गों पर पानी भर गया।
सांची रोड पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा।
प्राकृतिक झरनों के सक्रिय होने से पर्यटक भी आकर्षित हुए।
किसानों के लिए राहत की बारिश

लगातार बारिश नहीं होने से प्रदेश के कई हिस्सों में खरीफ फसलें प्रभावित होने लगी थीं।

विशेष रूप से—

सोयाबीन
धान
मक्का
उड़द
मूंग

की फसलों में नमी की कमी देखी जा रही थी।

अब हुई बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी लौट आई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक नियमित वर्षा होती रही तो खरीफ उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

रतलाम, खरगोन और इटारसी में भी मिली राहत
रतलाम

लंबे अंतराल के बाद शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में रिमझिम बारिश हुई। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और किसानों ने राहत की सांस ली।

खरगोन

करीब आधे घंटे तक हुई बारिश से खेतों में नमी बढ़ी। किसानों का कहना है कि यह वर्षा खरीफ फसलों के लिए बेहद लाभदायक साबित होगी।

इटारसी

करीब 20 से 25 दिनों बाद बारिश होने से शहरवासियों को उमस से राहत मिली। हालांकि कुछ निचले इलाकों में जलभराव भी देखा गया।

झाबुआ में बारिश के लिए निभाई गई अनोखी परंपरा

झाबुआ जिले के पेटलावद, रायपुरिया और आसपास के गांवों में अच्छी बारिश की कामना के लिए ग्रामीणों ने पारंपरिक 'उज्जैनी' मनाई।

ग्रामीणों ने—

इंद्र देव की पूजा की
हवन किया
सामूहिक भोजन बनाया
अच्छी वर्षा और समृद्ध फसल की प्रार्थना की

बारिश शुरू होने के बाद ग्रामीणों में खुशी का माहौल देखने को मिला।

मंडला में बड़ा हादसा टला

मंडला जिले के नैनपुर क्षेत्र में तेज बारिश के बाद उफनाए नाले की पुलिया पार करते समय बाइक सवार दो युवक तेज बहाव में बह गए।

घटना के दौरान—

एक युवक ने पेड़ पकड़कर अपनी जान बचाई।
ग्रामीणों ने रस्सी की सहायता से उसे सुरक्षित बाहर निकाला।
दूसरा युवक बाइक सहित बह गया, लेकिन बाद में घटनास्थल से लगभग दो किलोमीटर दूर सुरक्षित मिल गया।

बताया गया कि पुलिया पर निर्माण कार्य चल रहा था और अचानक पानी बढ़ने से हादसा हुआ।

मौसम विशेषज्ञों ने क्या कहा?

मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार—

मध्य प्रदेश में मानसून फिलहाल सक्रिय अवस्था में है।
बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिल रही है।
वातावरण में 90 से 100 प्रतिशत तक आर्द्रता बनी हुई है।
घने बादल और कम तापमान बारिश के अनुकूल संकेत हैं।

उन्होंने बताया कि अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी वर्षा जारी रह सकती है।

अगले 48 घंटे के लिए भारी बारिश का पूर्वानुमान

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान इन क्षेत्रों में मध्यम से कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है—

भोपाल
राजगढ़
रायसेन
नर्मदापुरम
सागर
विंध्य क्षेत्र
महाकौशल क्षेत्र
पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिले

मौसम विभाग ने लोगों से स्थानीय मौसम बुलेटिन पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

अभी भी सामान्य से 17 प्रतिशत कम बारिश

बारिश की वापसी के बावजूद इस मानसून सीजन में मध्य प्रदेश में अब तक सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार—

अब तक कुल वर्षा: 268.1 मिमी (10.5 इंच)
सामान्य वर्षा: 323.2 मिमी (12.7 इंच)
कमी: लगभग 17 प्रतिशत

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जुलाई के अंतिम सप्ताह और अगस्त के पहले पखवाड़े में अच्छी वर्षा होती है तो यह कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।

प्रशासन की सलाह

लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि—

जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें।
उफनते नालों और पुल-पुलियों को पार करने का प्रयास न करें।
बिजली गिरने और तेज बारिश के दौरान खुले स्थानों पर न रहें।
मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट का पालन करें।
यात्रा से पहले सड़क और मौसम की स्थिति की जानकारी अवश्य लें।

लगातार सक्रिय हुए मानसून ने जहां प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी और उमस से राहत दी है, वहीं किसानों के लिए भी उम्मीद की नई किरण जगाई है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि कई जिलों में भारी बारिश के कारण जलभराव, नदियों का जलस्तर बढ़ने और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका भी बनी हुई है।