पिता के लिए 9 साल के तनिष्क की अनोखी आस्था, 21 लीटर गंगाजल लेकर शुरू की कांवड़ यात्रा

पिता के लिए 9 साल के तनिष्क की अनोखी आस्था, 21 लीटर गंगाजल लेकर शुरू की कांवड़ यात्रा

 सावन के पवित्र महीने में भगवान शिव की भक्ति और आस्था के कई रंग देखने को मिल रहे हैं। इसी बीच दिल्ली के 9 वर्षीय तनिष्क तिवारी की कांवड़ यात्रा लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। छोटे से बच्चे ने अपने बीमार पिता के जल्द स्वस्थ होने की कामना के साथ हरिद्वार से 21 लीटर गंगाजल की कांवड़ उठाई है। तनिष्क की इस श्रद्धा और संकल्प को देखकर रास्ते में मौजूद लोग भावुक हो रहे हैं और उसकी हिम्मत की सराहना कर रहे हैं।

पिता के स्वास्थ्य के लिए उठाया कांवड़ का संकल्प

जानकारी के अनुसार, दिल्ली के मंडोली चुंगी निवासी तनिष्क तिवारी अपने पिता हेमंत तिवारी के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित था। उसके पिता पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे हैं। पिता को स्वस्थ देखने की इच्छा ने तनिष्क को कांवड़ यात्रा करने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया।

तनिष्क के पिता हेमंत तिवारी देवी जागरण से जुड़े हुए हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति भी बेहतर नहीं बताई जा रही है, लेकिन इसके बावजूद तनिष्क ने अपनी आस्था और विश्वास के दम पर यह कठिन यात्रा शुरू की है।

हर दिन 5 किलोमीटर पैदल चल रहा तनिष्क

तनिष्क हरिद्वार से 21 लीटर गंगाजल लेकर पैदल आगे बढ़ रहा है। यात्रा के दौरान वह रोजाना करीब 5 किलोमीटर की दूरी तय कर रहा है। उसका लक्ष्य दिल्ली स्थित टिल्ला शिव मंदिर पहुंचकर सावन शिवरात्रि के दिन भगवान शिव को जल अर्पित करना है।

इतनी कम उम्र में इतनी लंबी धार्मिक यात्रा करना आसान नहीं है, लेकिन तनिष्क का कहना है कि उसे पूरा विश्वास है कि भगवान शिव उसकी प्रार्थना सुनेंगे और उसके पिता जल्द ठीक हो जाएंगे।

परिवार को बताए बिना निकला था यात्रा पर

बताया जा रहा है कि तनिष्क अपने परिवार को बिना बताए ही कांवड़ यात्रा के लिए निकल पड़ा था। बाद में जब परिवार को इसकी जानकारी मिली तो सभी भावुक हो गए। परिजनों ने बताया कि तनिष्क बचपन से ही धार्मिक आस्था रखता है और अपने पिता से बेहद लगाव रखता है।

तनिष्क अपने भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर है। उसके परिवार में बड़े भाई जतिन, कार्तिक और छोटी बहन आयुषी हैं। पिता की बीमारी के कारण परिवार कई परेशानियों से गुजर रहा है, लेकिन तनिष्क के इस संकल्प ने परिवार को भावनात्मक मजबूती दी है।

रास्ते में लोगों ने बढ़ाया हौसला

मुजफ्फरनगर के पुरकाजी क्षेत्र से गुजरते समय लोगों ने तनिष्क को देखा तो उसकी कहानी जानकर काफी प्रभावित हुए। कई लोगों ने बच्चे का उत्साह बढ़ाया और उसकी सुरक्षित यात्रा की कामना की।

कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रशासन की ओर से भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं।

आस्था और भावनाओं की मिसाल बना तनिष्क

धार्मिक यात्राओं में उम्र अक्सर बाधा नहीं बनती और तनिष्क इसका उदाहरण बन गया है। जहां एक ओर कांवड़ यात्रा में लाखों श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना के लिए निकलते हैं, वहीं तनिष्क की यात्रा पिता के प्रति उसके प्रेम और विश्वास की कहानी भी बयां कर रही है।

तनिष्क का कहना है कि उसका एक ही उद्देश्य है कि उसके पापा जल्द स्वस्थ हो जाएं। इसी उम्मीद और आस्था के साथ वह कांवड़ लेकर लगातार आगे बढ़ रहा है। उसकी यह छोटी सी उम्र में दिखाई गई श्रद्धा लोगों के बीच प्रेरणा का विषय बनी हुई है।