मोहाली एयरोट्रोपोलिस परियोजना: 8 गांवों की जमीन अधिग्रहण का अवॉर्ड जारी, किसानों को मिलेगा ₹23,457 करोड़ से ज्यादा मुआवजा

मोहाली एयरोट्रोपोलिस परियोजना: 8 गांवों की जमीन अधिग्रहण का अवॉर्ड जारी, किसानों को मिलेगा ₹23,457 करोड़ से ज्यादा मुआवजा

ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) ने एयरोट्रोपोलिस परियोजना के विस्तार के लिए बड़ा कदम उठाते हुए आठ गांवों की 3,522.98 एकड़ भूमि के अधिग्रहण का अवॉर्ड जारी कर दिया है। इस अधिग्रहण के तहत प्रभावित किसानों और भूमि मालिकों को कुल 23,457.74 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा दिया जाएगा। हालांकि, दूसरी ओर कई किसान संगठन भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं और उनका कहना है कि पहले से अधिग्रहित जमीन का विकास कार्य अभी तक पूरी तरह पूरा नहीं हुआ है।

एयरोट्रोपोलिस विस्तार के लिए जारी हुआ अवॉर्ड

GMADA द्वारा जारी अवॉर्ड एयरोट्रोपोलिस परियोजना के विभिन्न सेक्टरों और पॉकेट्स के विकास के लिए है। यह परियोजना मोहाली को आधुनिक शहरी, औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के लिए आठ गांवों की कुल 3,522.98 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इसके बदले किसानों को निर्धारित दरों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।

इन गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित

अधिग्रहण में शामिल प्रमुख गांव हैं:

कुर्ड़ी
पट्टों
सियाऊं
बारी
मटरां
बाकरपुर
छत
किशनपुरा

इन सभी गांवों में अलग-अलग क्षेत्रफल की भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है और प्रत्येक गांव के लिए मुआवजे की राशि भी अलग तय की गई है।

किस गांव को कितना मिलेगा मुआवजा?

GMADA की ओर से जारी अवॉर्ड के अनुसार:

कुर्ड़ी गांव की 1,395.90 एकड़ भूमि के लिए लगभग ₹8,778 करोड़ का मुआवजा निर्धारित किया गया है। यह सबसे बड़ा अधिग्रहण क्षेत्र है।
पट्टों गांव की 416.01 एकड़ भूमि के लिए लगभग ₹2,940 करोड़ दिए जाएंगे।
सियाऊं गांव की 405.76 एकड़ भूमि के लिए करीब ₹2,972 करोड़ का मुआवजा तय किया गया है।
बारी गांव की 375.78 एकड़ भूमि के लिए लगभग ₹2,701 करोड़ निर्धारित किए गए हैं।
मटरां गांव की 59.89 एकड़ भूमि के लिए करीब ₹496 करोड़ का भुगतान किया जाएगा।
बाकरपुर गांव की 51.33 एकड़ भूमि के लिए लगभग ₹422 करोड़ का मुआवजा मिलेगा।
छत और किशनपुरा की कुल 755.57 एकड़ भूमि के लिए लगभग ₹4,751 करोड़ निर्धारित किए गए हैं।
प्रति एकड़ मुआवजे में भी बड़ा अंतर

GMADA ने प्रत्येक गांव के लिए भूमि की स्थिति और अन्य मानकों के आधार पर अलग-अलग प्रति एकड़ मुआवजा तय किया है।

प्रमुख दरें इस प्रकार हैं:

मटरां – ₹8.29 करोड़ प्रति एकड़
बाकरपुर – ₹8.22 करोड़ प्रति एकड़
सियाऊं – ₹7.33 करोड़ प्रति एकड़
बारी – ₹7.19 करोड़ प्रति एकड़
पट्टों – ₹7.07 करोड़ प्रति एकड़
कुर्ड़ी, छत और किशनपुरा – ₹6.29 करोड़ प्रति एकड़

इन दरों के अनुसार किसानों को करोड़ों रुपये का मुआवजा मिलने का प्रावधान किया गया है।

किसान लगातार कर रहे हैं विरोध

हालांकि मुआवजे की घोषणा के बावजूद किसान संगठनों का विरोध जारी है। किसानों का कहना है कि सरकार पहले भी एयरोट्रोपोलिस परियोजना के लिए बड़ी मात्रा में भूमि अधिग्रहित कर चुकी है, लेकिन उसका विकास अभी तक पूरी तरह नहीं हुआ। ऐसे में नई जमीन अधिग्रहित करने का फैसला उचित नहीं है।

किसानों का आरोप है कि उनकी उपजाऊ कृषि भूमि को लगातार विकास परियोजनाओं के नाम पर लिया जा रहा है, जिससे खेती और आजीविका पर असर पड़ रहा है।

प्रदर्शन की घोषणा, कई किसान नेता हिरासत में

भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसान संगठनों ने सोमवार को GMADA कार्यालय के बाहर प्रदर्शन का ऐलान किया था। इसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई किसान नेताओं को एहतियातन हिरासत में भी लिया।

हालांकि किसान संगठनों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

परियोजना से विकास की उम्मीद, लेकिन विवाद भी बरकरार

सरकार का दावा है कि एयरोट्रोपोलिस परियोजना के विस्तार से मोहाली क्षेत्र में औद्योगिक निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आधुनिक शहरी ढांचा विकसित होगा। वहीं दूसरी ओर किसान संगठन इसे कृषि भूमि के लगातार कम होने और किसानों के हितों पर असर डालने वाला कदम बता रहे हैं।

फिलहाल GMADA द्वारा अवॉर्ड जारी होने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अगले चरण में प्रवेश कर गई है, जबकि किसानों का विरोध और प्रशासन की कार्रवाई दोनों समानांतर रूप से जारी हैं।